अभिनय करती महिला
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14 रामलीला हो गईं पूरी
रुद्रप्रयाग। वर्ष 2018 में महिला पतंजिल ने सबसे पहले अगस्त्यमुनि से महिला रामलीला की शुरूआत की। इसके बाद 2019 श्रीनगर-श्रीकोट, नागनाथ पोखरी व कर्णप्रयाग, 2020 में कोटद्वार, 2021 में चौरास-श्रीनगर गढ़वाल, चौखुटिया, दुर्गाधार-रुद्रप्रयाग, 2022 में पीपलकोटी, गौचर, गोपेश्वर, बौराड़ी-नई टिहरी और 2023 जनवरी में गढ़वाल भवन नई दिल्ली और 2 से 12 जनवरी 2024 तक अयोध्या में रामलीला का मंचन किया है।
इनका कहना है -
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के समीप ही रामलीला का सफल मंचन मेरे जीवन का सबसे बड़ा कर्म है। मां नंदा महिला रामलीला मांगल योग समिति के बैनर तले इस अनुष्ठान में हमारी मातृशक्ति ने अपने अभिनय से उत्तराखंड का जो मान बढ़ाया है, उससे मैं धन्य हो गई हूं। रामलीला में मुझे सबरी की भूमिका निभाने का भी मौका मिला, जो मेरे लिए कभी न भुलने वाला पल था। इस भव्य आयोजन में विश्व हिंदू परिषद का बहुत सहयोग मिला। - लक्ष्मी शाह, राज्य सह प्रभारी महिला पतंजलि समिति, उत्तराखंड
अयोध्या में देवभूमि की बहिनें रामलीला का सफल मंचन का हिस्सा होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मेरी बहिनों ने अपने अभिनय से रामनगरी में जो छाप छोड़ी है, उससे समूचे उत्तरारखंड का मान-सम्मान बढ़ गया है। इस पुनीत कार्य में विश्व हिंदू परिषद ने कदम से कदम मिलाकर सहयोग किया है। - प्रताप सिंह लूथरा, विहिप कर्णप्रयाग जिलाध्यक्ष