उत्तराखंड में उत्तरकाशी के आठ गांवों में लोगों का अंधविश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ भारत मिशन' को पलीता लगा रहा है। यहां लोक देवता नागराज के डर से लोग शौचालय नहीं बनवा रहे हैं।
विज्ञापन
उत्तराखंडः गांव में शौचालय बनाने के लिए अधिकारी नाग देवता के मांगेंगे इजाजत
2 of 8
swachh bharat mission
गांव वालों को डर है कि अगर उन्होंने शौचालय बनवाए तो उन्हें नाग देवता के गुस्से का शिकार होना पड़ेगा।
विज्ञापन
उत्तराखंडः गांव में शौचालय बनाने के लिए अधिकारी नाग देवता के मांगेंगे इजाजत
3 of 8
swachh bharat mission
इसलिए गांव के लोगों और अधिकारियों ने तय किया है कि वह देवता को मनाने के लिए महापंचायत करेंगे। जिसमें गांव में शौचालय बनाने की इजाजत मांगी जाएगी।
उत्तराखंडः गांव में शौचालय बनाने के लिए अधिकारी नाग देवता के मांगेंगे इजाजत
4 of 8
swachh bharat mission
मामला चिन्यालीसौड़ के जिब्या, क्यारी दशगी, बनोठ पल्ला, ताराकोट, रमोली, बदाल्डा, सुरी, मथाली गांव का है। जहां करीब 600 परिवार रहते हैं।
विज्ञापन
उत्तराखंडः गांव में शौचालय बनाने के लिए अधिकारी नाग देवता के मांगेंगे इजाजत
5 of 8
swachh bharat mission
स्वच्छ भारत मिशन के तहत यहां स्वजल की ओर से 350 शौचालय बनाए जाने हैं, लेकिन गांव वाले इसके लिए तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन
उत्तराखंडः गांव में शौचालय बनाने के लिए अधिकारी नाग देवता के मांगेंगे इजाजत
6 of 8
swachh bharat mission
गांव वालों को डर कि अगर शौचालय बनाए गए तो उनके नाग देवता रुष्ट हो जाएंगे और गांव में अनिष्ट होगा।
विज्ञापन
उत्तराखंडः गांव में शौचालय बनाने के लिए अधिकारी नाग देवता के मांगेंगे इजाजत
7 of 8
swachh bharat mission
ग्रामीणों का कहना है कि क्यारी-मथाली में कुछ जगह शौचायल बनाए गए थे। जिस कारण उन्हे दैवीय प्रकोप का सामना करना पड़ा। जिस ग्रामीण पर नाग देवता अवतरित होते हैं उसने कहा कि शौचालय बनाए जाने से देवता के आने-जाने की दिशा बंद हो जाती है। इसलिए ग्रामीणों ने शौचायल तुड़वा दिए।
उत्तराखंडः गांव में शौचालय बनाने के लिए अधिकारी नाग देवता के मांगेंगे इजाजत
8 of 8
swachh bharat mission
मथाली के ग्राम प्रधान हिम्मत लाल का कहना है कि देवता के प्रकोप से बचने के लिए एक दर्जन से ज्यादा परिवारों ने अपने शौचालय तुड़वा दिए। देवता के आदेश के बाद ही गांव में शौचालय बनाए जाएंगे।