उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हर बारिश के साथ होने वाले भूस्खलन के बाद सड़कें बन जाती हैं। पर ये काम इतना आसान नहीं है। यहां हर पल सिर पर मौत होती है।
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uttarakhand road
- फोटो : अमरउजाला
सड़क के ऊपर आए मलबे को हटाते वक्त ऊपर से चट्टान गिरती रहती है। सड़क बनाते वक्त चट्टान से पत्थर छिटककर गिरने से कई हादसे हो चुके हैं जिनमें जान तक चली गई है।
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uttarakhand road
- फोटो : अमरउजाला
कई बार तो मलबे के साथ पूरी की पूरी सड़क ही साफ हो जाती है। फिर पूरा नया रास्ता बनाने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती है।
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uttarakhand road
- फोटो : अमरउजाला
इस दौरान खड़ी चट्टान को काटकर आगे का रास्ता बनाया जाता है। इस काम में बीआरओ और लोनिवि की मशीनों के साथ मजदूरों से भी काम लिया जाता है।
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uttarakhand road
- फोटो : अमरउजाला
बारिश और भूस्खलन के चलते ये चट्टानें कमजोर होती हैं और कभी भी यहां हादसों की आशंका रहती है।
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uttarakhand road
- फोटो : अमरउजाला
वहीं सड़क बहने के बाद लोग चट्टान की खौफनाक पगडंडियों से आवाजाही करने को मजबूर होते हैं।
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danger track
- फोटो : अमरउजाला
जिन रास्तों पर खाली चलना भी खतरे से खाली नहीं उन्हीं रास्तों पर भारी-भरकम सामान लादकर लोग चल रहे हैं।