पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट नई केदारपुरी के मास्टर प्लान के मुताबिक बसाई जाने वाली बाबा केदार की नगरी कैसी होगी तस्वीरों में देखिए...
विज्ञापन
2 of 7
pm modi in kedarnath dham
पीएम मोदी ने 20 अक्टूबर को केदारनाथ धाम में नई केदारपुरी का शिलान्यास किया। उनके मुताबिक केदारपुरी सुंदर, सुरक्षित और भव्य होगी। मंदिर मार्ग जहां चौड़ा होगा, वहीं, इसके दोनों तरफ तीर्थ पुरोहितों के लिए थ्री-इन-वन आवासीय भवन बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
3 of 7
kedarnath
धाम में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए जगह-जगह पर छोटे-छोटे गार्डन विकसित किए जाएंगे। शासन स्तर पर मास्टर प्लान से बसाई जा रही केदारपुरी के ब्लू प्रिंट जारी कर दिए गए हैं। भगवान आशुतोष के 12 ज्योर्तिलिंगों में एक केदारनाथ धाम को 700 करोड़ रुपये की धनराशि से भव्य और दिव्य बनाया जाएगा। मास्टर प्लान के तहत होने वाले कार्यों का ब्लू प्रिंट जारी किया गया है, जिसमें नई केदारपुरी को दर्शाया गया।
4 of 7
kedarnath
इसके हिसाब से मंदिर के पीछे काफी बड़े क्षेत्र में हराभरा पार्क विकसित किया जाएगा। इसके अलावा वैली ब्रिज से शुरू मंदिर मार्ग के दोनों तरफ भी पार्क बनाए जाएंगे, जिनमें वर्षभर हरी दूब बनी रहेगी। इसके अलावा यहां पर चबूतरा भी बनाया जाएगा, जिसके ऊपर एक फव्वारा होगा। मंदिर मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा।
विज्ञापन
5 of 7
kedarnath
रास्ते के ऊपर और नीचे की ओर जगह-जगह पर छोटी-छोटी सीढ़ियां बनाई जाएंगी। दोनों तरफ भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें योग/ध्यान केंद्र, संग्रहालय, रावल निवास, बीकेटीसी का कार्यालय सहित तीर्थ पुरोहितों के भवन शामिल हैं।
विज्ञापन
6 of 7
kedarnath
योजना के मुताबिक केदारनाथ मंदिर के परिसर को भी विकसित किया जाएगा। इसके चारों तरफ सुरक्षा दीवारों का निर्माण कर प्रवेश द्वार की सीढ़ियों की लंबाई बढ़ाई जाएगी। साथ ही मंदिर के दोनों तरफ बहने वाली मंदाकिनी और सरस्वती नदी का डायवर्जन सुरक्षित क्षेत्र में किया जाएगा, जिससे भविष्य में मंदिर व केदारपुरी को नदियों के उफान से खतरा न हो। खास बात यह है कि मास्टर प्लान से बसाई जा रही केदारपुरी को दोनों नदियों से बचाने के लिए चारों तरफ अंद्र चंद्राकार सुरक्षा दीवार का निर्माण भी किया जाएगा।
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण के तहत होने वाले कार्यो के ब्लू प्रिंट जारी हो गए हैं। प्रिंट के आधार पर ही सभी कार्य होने हैं। कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कुछ दिन में कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।