आचार्य भट्ट ने नागपंचमी की पूजा विधि बताते हुए कहा कि स्नान कर घर के दरवाजे और पूजा के स्थान पर गोबर से नाग बनाएं। व्रत में लेकर नाग देवता का आसन के लिए आह्वान करें। जल, पुष्प, चंदन का अर्घ्य दें। दूध, दही, घी, शहद और चीनी का पंचामृत बनाकर नाग प्रतिमा को स्नान कराएं। नाग देवता को सुगंध प्रिय है।