फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जरा सी चूक से बुझ गए कई घरों के चिराग, बिलखते पिता ने कही ऐसी बात कि आंसू नहीं रोक पाएंगे आप

Thu, 20 Apr 2017 05:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, त्यूनी
विज्ञापन
1 of 6
हिमाचल के गूमा के समीप हुए भीषण बस हादसे ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। हादसा पीड़ित परिवारों को कभी नहीं भूलने वाला गम दे गया। घटनास्थल पर पहुंचे मृतकों के परिजन शवों को देख बिलख-बिलख कर रोने लगे। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें ढांढस बंधाया।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
बस हादसा सैंज बृनाड़ तहसील त्यूनी निवासी चंदन को जीवन भर का दुख दे गया। हादसे में चंदन के दो बेटे ऋतिक चौहान (16) और अंशुल चौहान (13) की मौत हो गई। 
विज्ञापन

3 of 6
ऋतिक लाइन जीवनगढ़ स्थिति सैपियंस स्कूल में नौंवी और अंशुल सातवीं का छात्र था। चंदन सिंह लोक निर्माण विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात हैं। दुर्घटना में उनकी बहन सरना चौहान (21) की भी मौत हो गई। सरना बीए की छात्रा थी। 

4 of 6
चंदन ने रूंधे गले से बताया कि उसका वंश ही खत्म हो गया। रोते हुए वह नदी में कूदने के लिए भी दौड़ पड़े। आसपास के लोगों ने दौड़ कर उन्हें। गांव में पूजा थी, जिसमें शामिल होने के लिए चंदन ने बहन और दोनों बेटों को गांव बुलाया था।
विज्ञापन

5 of 6
वहीं, दुर्घटना में फनार गांव निवासी नंद किशोर (40) की भी मौत हो गई। बस में उनके साथ पत्नी सुमित्रा (33), बेटी प्राची (12) और दो साल का बेट हर्ष भी था। प्राची डाकपत्थर के अरविंद घोष स्कूल में सातवीं की छात्रा थी। सभी की मौके पर ही मौत हो गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
नंद किशोर बीते 14 साल से अरविंद घोष स्कूल में ही नौकरी कर रहा था। वह तीन दिन की छुट्टी लेकर परिवार के साथ गांव जा रहा था। नंद किशोर की एक बड़ी बेटी निहारिका भी है, जो अरविंद घोष स्कूल में नौवीं की छात्रा है। पढ़ाई के चलते वह गांव नहीं गई थी और डाकपत्थर में ही रुक गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें