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Uttarkashi: पल-पल सताता डर...वरुणावत में भूस्खलन, अचानक गिर रहे बोल्डर, बस्ती तक पहुंचने का खतरा बरकरार

Wed, 04 Sep 2024 01:21 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
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वरुणावत पर्वत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में बारिश के बीच वरुणावत पर्वत से भूस्खलन अभी भी रुक-रुक हो रहा है। अचानक बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे इनका बस्ती तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में पल-पल लोगों को डर सता रहा है।

अभी  स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन अचानक बोल्डर गिरने लगे हैं। बोल्डर ऊपर जंगलों में अटक रहे हैं, इसलिए बस्ती तक अभी नहीं पहुंचे हैं। हालांकि  खतरा बरकरार है। मंगलवार को भूस्खलन की तेज आवाज सुनकर लोग दहशत में आ गए और घर छोड़कर बाहर भागे। मस्जिद मोहल्ला निवासी अनिता व बीना ने बताया कि बच्चे पढ़ रहे थे, फिर वो अचानक घर से भागकर नीचे आ गए। आवाज बहुत तेज थी।  

वरुणावत पर्वत का बड़ा हिस्सा दरकने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, सूचना मिलते ही एडीएम रजा अब्बास व एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी आपदा प्रबंधन केंद्र पहुंचे। केंद्र के अधिकारी भी फोकस लाइट से भूस्खलन की स्थिति देखने में जुटे हैं।
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फोकस लाइट से भूस्खलन देखते आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

एक हफ्ते में दूसरी बार हुआ भूस्खलन

वरुणावत पर्वत पर एक हफ्ते में दूसरी बार भूस्खलन हुआ है। बीते मंगलवार(27 अगस्त) को भी यहां भूस्खलन हुआ था। पर्वत से अचानक आवासीय क्षेत्रों के आसपा यस बोल्डर गिरे तो लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। इस घटना ने वर्ष 2003 में हुए भूस्खलन की कड़वी यादें ताजा कर दीं।

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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

21 साल बाद फिर सक्रिय हुआ भूस्खलन

असी और वरुणा नदियों के बीच उत्तरकाशी शहर वरुणावत पर्वत की तलहटी में बसा हुआ है। वरुणावत पर्वत पंचकोसी वारुणी यात्रा के साथ इस पर स्थित पौराणिक मंदिराें के लिए तो प्रसिद्ध है ही। यह वर्ष 2003 के विनाशकारी भूस्खलन के लिए याद किया जाता है।

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घरों से बाहर निकले लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साल 2003 में अचानक ही इस पर्वत से जब भूस्खलन शुरू हुआ तो तीन से चार जोन में बोल्डर व मलबा गिरता था। सबसे मुख्य भटवाड़ी रोड पर वर्तमान सब्जी मंडी के पास वाला क्षेत्र था। इसके बाद मस्जिद मोहल्ले सहित गोफियारा वाले क्षेत्र तक और तांबाखाणी रोड पर भी बोल्डर गिरते हैं।

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वरुणावत पर्वत से अचानक गिरे बोल्डर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उस भूस्खलन में भटवाड़ी रोड के कई बहुमंजिला भवन जमीदोंज हो गए थे। तब एक बड़ी आबादी को खतरे वाली जगह से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया था। अब करीब 21 साल बाद दोबारा से वरुणावत पर्वत से बोल्डर गिरने से लोग डर गए हैं।
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