इस बार करवाचौथ पर विशेष संयोग बन रहा है। कार्तिक मास की चतुर्थी को मनाया जाने वाला करवाचौथ इस वर्ष 17 अक्तूबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार खास योग बनने के कारण करवा चौथ का त्योहार और भी शुभ फलदायी होगा।
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- फोटो : अमर उजाला
यह योग बहुत ही मंगलकारी है। इस दिन व्रत करने से सुहागिनों को व्रत का फल मिलेगा। आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि इस बार 70 साल बाद रोहिणी नक्षत्र के साथ मंगल का योग बन रहा है। जोकि शुभ फलदाई है।
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इस दिन चतुर्थी माता(करवा माता) और गणेश जी की भी पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन अगर सुहागिन स्त्रियां व्रत रखें तो उनके पति की उम्र लंबी होती है और उनका गृहस्थ जीवन सुखमय होता है।
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इस बार उपवास का समय 13 घंटे 56 मिनट का है। पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर महिलाएं शाम को चांद को अर्घ्य देकर व्रत तोड़ती हैं। इस बार चांद 8:18 बजे निकलेगा।
यह रहेगा उचित समय
पूजा का मुहूर्त शाम 5:50 से 7:06
व्रत समय: सुबह 6:21 से रात 8:18 बजे तक
उपवास का समय : 13 घंटे, 56 मिनट है।
चांद निकलने का समय : 8:18 बजे