देश की आन-बान-शान के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले शहीदों के लिए सरकारें बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो करती हैं, लेकिन शहीदों की स्मृतियों को जिंदा रखने के लिए जो स्मारक और द्वार बने हैं, उनकी सुध लेना भी गवारा नहीं समझतीं। दून में जगह-जगह शहीदों के स्मारक बदहाल स्थिति में हैं, लेकिन कोई सुध लेने को तैयार नहीं है।
Kargil Vijay Diwas 2023: मातृभूमि के भाल पर यूं ही चमकते रहेंगे देवभूमि के 75 जांबाज, दिया था सर्वोच्च बलिदान
दून के 28 वीर सपूत थे, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। इनमें मेजर विवेक गुप्ता, स्क्वाड्रन लीडर राजीव पुंडीर, राइफल मैन विजय भंडारी, नायक मेख गुरंग, राइफल मैन जयदीप भंडारी, राइफल मैन नरपाल सिंह, सिपाही राजेश गुरंग, नायक हीरा सिंह, नायक कश्मीर सिंह, नायक देवेंद्र सिंह, लांस नायक शिवचरण सिंह आदि वीर जवान शामिल हैं। सरकार ने इन वीर सपूतों की याद में बल्लीवाला चौक, बल्लूपुर चौक, न्यू कैंट रोड, चांदमारी, तुनवाला चौक, श्यामपुर प्रेमनगर, तेलपुर, नेहरूग्राम, कैनाल रोड, चाय बागान आदि जगहों पर स्मारक बनाए हैं।