हर किसी के जीवन में मां की एक खास जगह होती है। इसे और कोई नहीं ले सकता। हरिद्वार जिले में ऐसी भी कई मां हैं, जिन्होंने गरीब व निर्धन बच्चों की मदद कर समाज के लिए मिसाल कायम की है। बच्चे ने भले ही उनकी कोख से जन्म नहीं लिया, पर, वे यशोदा बन उन्हीं पर अपना सारा प्यार लुटा रही हैं। यह महिलाएं इन बच्चों को पालने-पोसने के साथ ही अफसर बनाने तक के ख्वाब संजोए हैं।
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शहर में कई महिलाएं ऐसी हैं जो मां यशोदा की तरह बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। उनका सेवाभाव मां से बढ़कर है। बच्चों की हर जरूरत और उनकी हर परेशानी दूर करना उनका पहला काम है। बच्चे ही उनका परिवार हैं और उनका पालन पोषण ही पहला उद्देश्य है।
वे बच्चों को पढ़ाने से लेकर खिलाने और उनको योग्य बनाने का जिम्मा संभाल रही हैं। शहर व देेहात क्षेत्र में बच्चों को पालन पोषण करने वाली ये महिलाएं बिना किसी स्वार्थ के तमाम बच्चों का सहारा बनी हुई हैं। ये बच्चे हैं, जिनका या तो कोई नहीं है या फिर उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हैं।