मलारी हाईवे पर भूस्खलन जोन में काम करते जवान
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चमोली जिलाधिकारी, हिमांशु खुराना का कहना है कि बृहस्पतिवार को नीती घाटी से ट्रेकरों और जरूरतमंद लोगों को निचले क्षेत्रों में लाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजा गया था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण वह आधे रास्ते से लौट आया है। अब शुक्रवार को फिर से हेलीकॉप्टर क्षेत्र में जाएगा। नीती घाटी के गांवों में राशन की अभी कोई कमी नहीं है। बीआरओ, सेना व आईटीबीपी के पास भी पर्याप्त राशन है। हाईवे को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।