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महाकुंभ 2021: पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी में बनेंगे 75 नागा संन्यासी, पिंडदान के बाद दीक्षा की प्रक्रिया शुरू

Thu, 08 Apr 2021 09:10 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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नागा संन्यासी - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार में श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी में बृहस्पतिवार से 75 नागा संन्यासी बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। सबसे पहले नागा संन्यासियों को ब्रह्मचारी की दीक्षा दी गई। नागा संन्यासी 12 और 14 अप्रैल के शाही स्नानों में शामिल होंगे।

कनखल संन्यास मार्ग स्थित हरि भारती आश्रम में गंगा तट पर पहले ब्रह्मचारियों का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया। गंगा स्नान के बाद भस्म लगाई गई और सात पीढ़ी का श्राद्ध कराए जाने के बाद फिर खुद का पिंडदान कराया गया। गंगा तट पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद दंड धारण कराया गया।

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मिट्टी के पात्र में गंगाजल लेकर संन्यासी अखाड़े की छावनी तक पैदल पहुंचे। छावनी में सामूहिक रूप से इन्होंने शिव जी का पूजन किया। अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी ने बताया कि नागा संन्यासी बनने से पहले संन्यासियों को अपना पिंडदान करना पड़ता है, जिसे विजया होम संस्कार कहते हैं।

नागा संन्यासी एक तरह से अखाड़ों की फौज है, जो धर्म की रक्षा और प्रचार करती है। महंत विनोद गिरि उर्फ हनुमान बाबा ने बताया कि हरिद्वार कुंभ में इस बार 75 नागा साधुओं को दीक्षा दी है।
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नागा संन्यासी - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार तड़के तीन बजे ब्राह्ममुहूर्त में इन्हें अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद वैदिक विधि-विधान से दीक्षा देंगे। नागा साधु बनने के बाद कुछ अखाड़े की व्यवस्था में सहयोग करेंगे और कुछ गुफाओं में या अन्य जगहों पर साधना करने चले जाएंगे। 12 अप्रैल और 14 अप्रैल के शाही स्नान में ये शामिल होंगे।
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कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वहीं, बैरागी कैंप स्थित अखिल भारतीय श्री चर्तु संप्रदाय का धर्म ध्वजारोहण किया गया। तीनों वैष्णव अणि अखाड़ों के श्रीमहंतों ने विधि विधान के साथ पूजन कर धर्म ध्वजा फहराई। श्रीमहंत रासबिहारी काठिया बाबा ने कहा कि हनुमान वैष्णव संतों के इष्ट देव हैं। ध्वजारोहण के साथ ही वैष्णव संतों का कुंभ मेला प्रारंभ हो जाता है।

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कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास और अखिल भारतीय श्रीपंच निर्वाणी अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि वैष्णव संतों की गौरवशाली परंपराएं पूरे विश्व में विख्यात हैं। संतों की ओर किया गया जप तप पूरी दुनिया को सुख समृद्धि प्रदान करता है।
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कुंभ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा ने कहा कि कुंभ पर्व सनातन धर्म के महत्व को दर्शाता है। इस दौरान श्रीमहंत कृष्ण दास नगरिया, श्रीमहंत फूलडोल बिहारी दास, श्रीमहंत दिनेश दास, महंत ईश्वरदास, महंत सनत कुमार दास, जनार्दन बाबा समेत कई महंत मौजूद रहे।
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