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हरिद्वार धर्म संसद: प्रतिकार सभा में संतों का सिंहनाद, कहा- उत्तराखंड शासन-प्रशासन का रवैया निंदनीय, तस्वीरें

Sun, 16 Jan 2022 06:50 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
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- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार संसद में दिए गए भडकाऊ भाषण के मामले में संतों पर दर्ज किए गए मुकदमों व जितेंद्र नारायण त्यागी (वसीम रिजवी) की गिरफ्तारी को लेकर रविवार को प्रतिकार सभा आयोजित की गई। प्रतिकार सभा में संतों ने कहा कि धर्म संसद के आह्वान को नफरती भाषण मानकर जिस प्रकार का उत्तराखंड शासन प्रशासन ने रवैया अपनाया है वह निंदनीय है। जिस तरह पुलिस ने जितेंद्र नारायण त्यागी को गिरफ्तार किया है। उससे संतों में पहले ही भारी आक्रोश था किंतु महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी की रात में गिरफ्तारी ने आग में घी डालने का काम किया है। दोनों ही गिरफ्तारियों में पुलिस का रवैया अंग्रेजी हुकूमत के दमनकारी रवैये से मेल खाता है। धर्म संसद के आयोजक स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए जितेंद्र नारायण त्यागी समाज में सम्मान की दृष्टि से ऊंचा स्थान रखते हैं। वहीं महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी भी सम्मानित संत हैं। संत सनातन धर्म के लिए अपना सब कुछ बलिदान करने के लिए तैयार रहता है। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी संत कानून का उल्लंघन नहीं करता है। दबाव में संतों पर जिस प्रकार से मुकदमे दर्ज किए गए और सरकार ने भीड़ तंत्र के प्रभाव में आकर संतों पर दबाव बनाने के लिए आनन-फानन में एसआईटी का गठन किया। प्रशासन द्वारा संतों को भयभीत करने के प्रयास में एक सोची-समझी रणनीति के तहत अपमानजनक तरीके से गिरफ्तारियां की जा रही हैं। इससे संतों में भारी आक्रोश है। 
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- फोटो : अमर उजाला
संतों ने शासन-प्रशासन को चेताया गया कि कि यदि तुरंत अपने इस रवैए में परिवर्तन नहीं किया तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। संतों ने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी तथा जितेंद्र नारायण त्यागी को ससम्मान रिहा करने की मांग की है।
 
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- फोटो : अमर उजाला
संतों ने आह्वान किया की अब यह लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए संत सड़कों पर उतरने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे। जिसके बाद पैदा हुई किसी भी परिस्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। इस दौरान स्वामी अमृतानंद, महामंडलेश्ववर प्रबोधानंद गिरि, सागर सिंधु राज, स्वामी ललितानंद, विनोद, स्वामी परामानंद, स्वामी शिवानंद आदि मौजूद रहे। 

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- फोटो : अमर उजाला
वहीं सर्वानंद घाट पर वसीम रिजवी की गिरफ्तारी को लेकर अनशन पर बैठे स्वामी अमृतानंद रसाहार के साथ ही अनशन जारी रखेंगे। स्वामी अमृतानंद का कहना है कि संतों के खिलाफ जिस तरह से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वह सरकार की मानसिकता को दर्शाता हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
सर्वानंद घाट पर अनशन पर बैठे स्वामी यति नर सिंहानंद को पुलिस ने रात में अनशन से उठा लिया था। इसके बाद उन्हें कोतवाली लाया गया था। उन्हें सीने में दर्द होने के बाद रात भर उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में रखा गया था। रात भर वह अनशन पर रहे। इसके बाद रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेजा गया। जेल भेजे जाने से पहले डॉक्टर उदिता त्यागी व अधीर ने दलिया खिलवाकर उनका अनशन तुड़वाया।
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