संतों ने आह्वान किया की अब यह लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए संत सड़कों पर उतरने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे। जिसके बाद पैदा हुई किसी भी परिस्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। इस दौरान स्वामी अमृतानंद, महामंडलेश्ववर प्रबोधानंद गिरि, सागर सिंधु राज, स्वामी ललितानंद, विनोद, स्वामी परामानंद, स्वामी शिवानंद आदि मौजूद रहे।