हरिद्वार में मकर संक्रांति के मौके पर शुक्रवार को गंगा स्नान प्रतिबंधित रहा। हरकी पैड़ी को बैरिकेड लगाकर सील कर दिया, लेकिन कोविड नियमों की अनदेखी कर अन्य घाटों पर हजारों श्रद्धालु पहुंचे। हरकी पैड़ी पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। पूरे मेला क्षेत्र को चार जोन और आठ सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। लेकिन आसपास के गंगा घाटों पर हजारों की भीड़ उमड़ रही है।
हरकी पैड़ी छोड़कर दूसरे कई घाटों पर लोग स्नान कर रहे हैं। आसपास घाटों पर हजारों की भीड़ मौजूद है। यहां कोरोना गाइडलाइन का कोई पालन नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण कोरोना संक्रमण फैसले का डर बना हुआ है।
वहीं ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर भी मकर संक्रांति स्नान पर्व पर सन्नाटा पसरा रहा। देवप्रयाग में मकर सक्रांति के पर्व पर पूजा स्नान करने कुछ ही लोग पहुंचे। जबकि पूर्व में मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान को सुबह ही लोग पहुंच जाते थे। हालांकि उत्तरकाशी के मणिकर्णिका घाट मकर संक्रांति के स्नान के लिए सुबह 3:00 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
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हरिद्वार हरकी पैड़ी पर सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
मकर संक्रांति स्नान प्रतिबंधित करने के बाद जिले की सीमाओं पर गुरुवार से ही पुलिस ने पहरा कड़ा कर दिया था। बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को लौटा गया।
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हरिद्वार हरकी पैड़ी पर सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
जबकि हरिद्वार और देहरादून के लिए आने वाले लोगों को वैक्सीन की डबल डोज का प्रमाणपत्र या 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट देखने के बाद प्रवेश दिया।
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हरिद्वार हरकी पैड़ी पर सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
मकर संक्रांति पर्व के चलते चिड़ियापुर और लाहड़पुर की सीमा पर गुरुवार सुबह से चेकिंग सख्त कर दी गई। सीमा पर पिछले कई दिनों से जांच हो रही है।
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हरिद्वार के अन्य घाटों पर उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
चिड़ियापुर से छोटे वाहन कम निकलते हैं, जबकि लाहड़पुर से छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। चिड़ियापुर बॉर्डर पर मेडिकल टीम लीडर मंजूर अहमद ने बताया कि पॉजिटिव मरीजों को वापस कर दिया।
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हरिद्वार के अन्य घाटों पर उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
श्यामपुर थानाध्यक्ष अनिल चौहान का कहना है कि मकर संक्रांति स्नान में हरिद्वार जाने वाले वाहनों को सख्ती से वापस किया गया। चिड़ियापुर में सात और लाहड़पुर में 15 वाहनों को वापस किया।
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हरिद्वार के अन्य घाटों पर उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इस बार 14 जनवरी को यानी मकर संक्रांति पर्व पर रोहिणी नक्षत्र और त्रिग्रही योग पड़ा। इस दिन सूर्यदेव उत्तरायण होते हैं। शुक्रवार से खरमास समाप्ति के साथ ही शुभ कार्य शुरू हो गए हैं।
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हरिद्वार के अन्य घाटों पर उमड़ी भीड़
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शुक्रवार को सूर्यदेव ने दोपहर 2.27 बजे अपने पुत्र शनि की राशि में प्रवेश किया। ये योग सबके लिए अच्छा होगा, लेकिन सात राशियों वाले लोगों के लिए इसका प्रभाव अच्छा नहीं रहेगा।
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ऋषिकेश में सन्नाटा
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सरस्वती मंदिर के पुजारी आचार्य राकेश शुक्ल ने बताया कि इस बार संक्रांति की तिथियों को लेकर मतभेद हो रहा है। हालांकि ज्योतिषशास्त्र के अनुसार 14 जनवरी को सूर्य देव ने दोपहर दो बजकर 27 मिनट पर राशि परिवर्तन किया।
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उत्तरकाशी में स्नान
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में संक्रांति का पुण्यकाल 16 घंटे पहले और 16 घंटे बाद है। उन्होंने बताया कि संक्रांति के साथ ही विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य शुरू हो गए हैं। शादी के मुहूर्त 20 फरवरी तक रहेंगे।
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देवप्रयाग में सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
24 जनवरी से बृहस्पति के अस्त होने से फरवरी अंतिम सप्ताह से 13 मार्च तक शुभ काम नहीं होंगे। 14 अप्रैल के बाद ही फिर शुभ कार्य शुरू होंगे।
आचार्य शुक्ल ने बताया कि संक्रांति पर खिचड़ी, गर्म कपड़े, तिल, चावल, घी, कंबल और गुड़ दान करने का विशेष महत्व है। इसी दिन भागीरथी की तपस्या से मां गंगा का अवतरण पृथ्वी पर हुआ था। इस दिन गंगा में स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य मिलता है।