शुक्रवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर घर-घर में गजानंद विराजे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि उनका जन्म कहां हुआ था। नहीं, तो यहां जानिए चौंकाने वाले रहस्य...
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कहा जाता है कि भगवान गणेश का जन्म उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में हुआ था। जी हां, यहां पर बनी इस खूबसूरत झील डोडीताल के पास उन्होंने जन्म लिया है।
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मान्यता है कि उत्तरकाशी जिले में मां गंगा और यमुना का मायका कहते हैं। इसलिए इसका भगवान गणेश जी से भी संबन्ध है। माता पार्वती ने यहीं पर उन्हें उत्पन्न किया है।
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मान्यता है कि माता पार्वती जब डोडीताल में स्नान करने जा रही थी तब उन्होंने अपने उबटन से एक बालक की प्रतिमा तैयार की। उन्हें यह मूरत इतनी भा गई कि उन्होंने उसमें प्राण डाल दिए।
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यही बालक संसार में भगवान गणेश के नाम से विख्यात हुए। आज भी यहां माँ पार्वती अन्नपूर्णा के रूप में विराजमान है साथ ही भगवान गणेश भी माता की सेवा में विद्यमान है।
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आस्थावान श्रद्धालु यहां मां पार्वती की पूजा अन्नपूर्णा के रूप में करते हैं। उनका विश्वास है कि विघ्नविनाशक भगवान गणेश डोडीताल के अन्नपूर्णा मंदिर मे मां के साथ आज भी निवास करते हैं।
हालांकि डोडीताल में मौजूद मां अन्नपूर्णा मंदिर के कपाट गंगोत्री और यमुनोत्री धाम से पहले खुलते हैं। माना जाता है कि विघ्नविनाशक भगवान गणेश के अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन करने के बाद चार-धाम यात्रा बाधा रहित संपन्न हो जाती है।
(अमर उजाला इन तथ्यों की तस्दीक नहीं करता है यह केवल मान्यताओं के आधार पर दिए गएए हैं।)