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Diwali 2021: आज बन रहा चार ग्रहों का दुर्लभ संयोग, लक्ष्मी पूजन के लिए ये है सबसे शुभ मुहूर्त

Thu, 04 Nov 2021 12:09 AM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
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दीपावली - फोटो : अमर उजाला
धन की देवी लक्ष्मी के स्वागत के लिए लोग तैयार हैं। घरों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हिंदू धर्म में दीपावली का विशेष महत्व है। दीपावली में महालक्ष्मी की पूजा करने से परिवार में सुख एवं समृद्धि आती है। 

दीपावली का पर्व विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास के पहले दिन अमावस्या को मनाया जाता है। दीपावली के पावन दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल दीपावली पर चार ग्रहों का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

नारायण ज्योतिष संस्थान के आचार्य विकास जोशी ने बताया कि ब्रह्म पुराण के अनुसार इस दिन रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवा गणेश सहित मकानों में यंत्र-तंत्र लक्ष्मी माता विचरण करती हैं। इसीलिए इस दिन घर के द्वार को खूब साफ-सुथरा करके सजाया जाता है।

दीपावली मनाने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर घर में स्थायी रूप से निवास करती हैं।  इस दिन शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करना शुभ होता है। यह नए वर्ष का प्रथम दिन भी है। इस दिन व्यापारी अपने बही-खाते बदलते हैं और अपने वर्ष के लाभ हानि का ब्योरा तैयार करते हैं। 
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दीपावली - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. सुशांत राज और पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि चार नवंबर को दीपावली दुर्लभ संयोग में मनाई जाएगी। इस साल दीपावली पर चार ग्रह एक ही राशि में विराजमान रहेंगे। इस संयोग को शुभ माना जा रहा है। बृहस्पतिवार को दीपावली का महापर्व दुर्लभ संयोग में बनेगा। 
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दीपावली - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
इस बार लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे शुभ काल 1 घंटे 55 मिनट का है। पूजा का विशेष मुहूर्त शाम को 6:05 से रात 8:16 तक रहेगा। इसके बाद रात्रि 11:38 से 12:30 बजे तक महानिशीथ काल में मां काली के पूजन का मुहूर्त है। पांच नवंबर को गोवर्धन अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विश्वकर्मा भगवान, श्रीकृष्ण की पूजा का विधान है। भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग भी अर्पित किए जाते हैं।

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दीपावली पूजा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
माता लक्ष्मी का फोटो लगाकर संध्या के समय एक चौकी रखें। इसे मोली से बांधे। इस पर मिट्टी के गणेश जी व मां लक्ष्मी स्थापित करें। रोली लगाए, चौमुखी दीपक बनाएं, 26 छोटे दीपक बनाएं और इसमें तेल और बत्ती डालकर जलाएं। फिर जल, मौली, चावल, फल, गुड़, अबीर, गुलाल, धूप, कमल पुष्प कमल गट्टे आदि से लक्ष्मी गणेश का पूजन करें।
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दीपावली पूजा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पूजा करने के बाद 11 दीपक घर के कोने-कोने में जलाकर रखें। एक छोटा और एक चौमुखा दीपक रख कर लक्ष्मी का पूजन करें। पूजन के पश्चात तिजोरी में गणेश और लक्ष्मी  की मूर्ति रखकर विधि विधान से पूजा करें। श्रीसूक्त व कनक धारा स्तोत्र का पाठ करें। 
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