जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के नेतृत्व में चार सदस्यीय दल ने केदारनाथ पहुंचकर वहां बर्फ का आकलन किया। पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से केदारनाथ तक 6 से 9 फीट तक बर्फ है। मंदिर परिसर व मंदिर मार्ग बर्फ से ढके हुए हैं। जबकि पैदल मार्ग पर रामबाड़ से लिनचोली के बीच कई जगहों पर विशालकाय हिमखंड तेजी से खिसक रहे हैं, जिससे आवाजाही खतरे से खाली नहीं है।
इस दौरान डीडीएमओ ने बर्फ हटाने में जुटे मजदूरों को भी सतर्क रहते हुए काम करने को कहा। जिलाधिकारी मनुज गोयल के निर्देश पर बीते शनिवार को डीडीएमओ नंदन सिंह रजवार, मास्टर ट्रेनर राजविंदर सिंह रावत, डीडीआरएफ के ललित सेमवाल व सुनील राणा केदारनाथ के लिए रवाना हुए थे।
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गौरीकुंड से रामबाडा पहुंचने के बाद चारों लोग जैसे-तैसे लिनचोली तक पहुंच पाए। यहां पैदल मार्ग पूरी तरह से बर्फ से ढका हुआ है। साथ ही हिमखंड जोन अति संवेदनशील है, जिस कारण आगे आवाजाही मुश्किल थी। लिनचोली में ही गढ़वाल मंडल विकास निगम के हट्स में रात्रि प्रवास के बाद रविवार को जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी रजवार केदारनाथ तक पहुंचे।