चारधाम यात्रा का हाल बयां करतीं तस्वीरें: अव्यवस्थाएं बरकरार, भीड़ के आगे पुलिस- प्रशासन लाचार, पंजीकरण के लिए मारामारी
Chardham: अव्यवस्थाएं बरकरार, पंजीकरण के लिए मारामारी, पांच तीर्थयात्री हुए बेहोश, देखें यात्रा का हाल बयां करतीं तस्वीरें
आईएसबीटी स्थित पंजीकरण केंद्र में रोजाना छह हजार यात्री पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन केवल 2300 से 3300 यात्रियों का ही पंजीकरण हो पा रहा है। वहीं करीब तीन से चार हजार यात्री पंजीकरण के लिए अगले दिन भी कतार में लग रहे हैं।
तीर्थनगरी में रोजाना चार धाम यात्रियों का हुजूम उमड़ रहा है। इससे पुलिस और प्रशासन की चिंता भी बढ़ रही है। रोजाना सुबह चार बजे से कम से कम छह हजार लोग आईएसबीटी में पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। यात्रियों का बैकलाग बढ़ने से पंजीकरण की व्यवस्था भी चरमरा रही है।
सुबह चार बजे से ही आईएसबीटी के बाहर तीर्थ यात्रियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे कोटा पूरा होते ही पंजीकरण बंद हुआ तो लाइन में सुबह से लगे तीर्थ यात्री भड़क गए। कई तीर्थयात्री तो अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों से उलझ गए और उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई। कुछ यात्री आईएसबीटी से वापस लौट गए।
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चारधाम यात्रा अव्यवस्थाएं
- फोटो : अमर उजाला
शासन के निर्देश के बाद आईएसबीटी में पंजीकरण को कोटा बढ़ा दिया गया था। शाम को ऋषिकेश दो से तीन तक रुके यात्रियों के पंजीकरण किए गए। इनमें अधिकांश ऐसे यात्री थे जिसके दल के अधिकांश लोगों का पंजीकरण हो गया था। एसडीआरएफ उपनिरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि शाम तक 700 यात्रियों के पंजीकरण किए गए। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कुल तीन हजार 300 यात्रियों के पंजीकरण किए गए थे।
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चारधाम यात्रा अव्यवस्थाएं
- फोटो : अमर उजाला
आईएसबीटी में अव्यवस्था का आलम बरकरार है। सुबह से लेकर लाइन में लगे तीर्थयात्री बुधवार को भी चिलचिलाती धूप में पसीने से तरबतर होते रहे। संवाद न्यूज एजेंसी के जितेंद्र जोशी और फोटो जर्नलिस्ट राजीव कुमार ने आईएसबीटी परिसर में पंजीकरण केंद्र का लाइव किया तो अव्यवस्था जगह-जगह नजर आईं। सुबह करीब पौने 12 बजे 12 बजे के करीब पंजीकरण काउंटरों के बाहर कई घंटों से लाइन में लगे पांच तीर्थयात्री गश खाकर नीचे गिर गए। पुलिस ने यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। दिनभर धूप से परेशान तीर्थयात्रियों की सुध प्रशासन को शाम को आई तब जाकर पंजीकरण केंद्र के बाहर शामियाना लगाया गया।
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चारधाम यात्रा अव्यवस्थाएं
- फोटो : अमर उजाला
सुबह चार बजे आईएसबीटी परिसर पर जब संवाद न्यूज एजेंसी की टीम पहुंची तो अधिकतर लोग परिसर के भीतर प्लास्टिक की पॉलिथिन बिछाकर सोए थे, जबकि कुछ लोग शौचालय के बाहर लाइन लगाए हुए खड़े थे। कुछ तीर्थयात्री तो पंजीकरण केंद्र खुलने से पहले ही करीब 4:30 बजे ही काउंटरों के आगे लाइन लगाकर खड़े हो गए। इन तीर्थयात्रियों की संख्या करीब 250 रही होगी। सुबह 11:30 बजे टीम परिसर का जायजा लेने दोबारा पहुंची तो चिलचिलाती धूप में कम से कम छह हजार तीर्थयात्री खड़े नजर आए। इन्हें धूप से बचाने के दूर-दूर तक इंतजाम नजर नहीं आ रहे थे।
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चारधाम यात्रा पंजीकरण के लिए लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर पंजीकरण के लिए छह सौ से सात सौ से तीर्थ यात्रियों को छोटे से शामियाने के भीतर रखने की कोशिश कर रही थी। यात्री बाहर न निकले इसके लिए शामियाने के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिसकर्मी यात्रियों को पंजीकरण केंद्र के काउंटर पर पानी की बोतल दे रहे थे। एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी और सीओ डीसी ढौंडियाल पानी लेने के लिए लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहे थे। इसी दौरान पंजीकरण के पीछे के काउंटरों में तीन महिला सहित पांच तीर्थ यात्री भयंकर गर्मी से बेसुध होकर गिर पड़े। इससे आसपास के तीर्थ यात्रियों में हड़कंप मच गया। कुछ यात्रियों को पानी के छींटे मारने के बाद होश आया जबकि दो महिला यात्रियों को एसपीएस राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीर्थ यात्रियों को छुट्टी दे दी गई।
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चारधाम यात्रा अव्यवस्थाएं
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर ढाई बजे पंजीकरण बंद हो चुका था और कुछ तीर्थयात्री जो लाइन में लगे थे वह अव्यवस्था से नाराज नजर आए। धूप से परेशान तीर्थयात्री परिसर के भीतर छांव खोजते नजर आए तो कुछ बसों के नीचे ही पॉलिथिन बिछाकर बैठ गए। प्रतिक्षालयों में दूसरे दिन भी पंखे बंद थे, जो पंखे चल रहे थे उनकी गति बेहद कम थी। एक-एक कमरे में 50 यात्री हाथ के पंखे से गर्मी से निजात पाने की कोशिश में जुटे थे।
कई यात्री तीन से चार दिनों से पंजीकरण का इंतजार कर रहे थे। राजस्थान के यात्री मणीराम और दर्पण सिंह ने बताया कि वह दो दिन से पंजीकरण का इंतजार कर रहे हैं। पंजीकरण केंद्र के बाहर न पर्याप्त छांव का इंतजाम है न पंखें ही लगे हैं। शाम को एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी के निर्देश पर निगम प्रशासन ने पंजीकरण के बाहर दो और शामियाने लगा दिए।