भाजपा ने विधानसभा घेराव के बहाने सोमवार को जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। घेराव के लिए जा रहे भाजपाई रिस्पना पुल से पहले लगे पुलिस के तीन बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े तो पुलिस के साथ भिड़ंत हो गई।
सारे इंतजामों को धता बता भाजपाई जब आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुंचे तो पुलिस ने धक्कामुक्की के बीच प्रदेशाध्यक्ष अजय भट्ट, तीरथ सिंह रावत, बिशन सिंह चुफाल, पुष्कर सिंह धामी, प्रेमचंद अग्रवाल, यतीश्वरानंद समेत 17 विधायकों को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही करीब ढाई सौ भाजपा कार्यकर्ता भी हिरासत में लिए।
पुलिस से भिड़ंत के दौरान सवार पुलिस ने जब घोड़ा युवा नेता जितेंद्र मौनी की तरफ दौड़ाया तो वरिष्ठ नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई नेता पुलिस से भिड़ गए। पुलिस और भाजपाइयों के बीच जमकर धक्कामुक्की के दौरान कई बार स्थिति बिगड़ते-बिगड़ते बची। इसी बीच प्रदेशाध्यक्ष अजय भट्ट ने मोर्चा संभाल लिया।
बीजेपी के विधानसभा कूच के दौरान पानी की बौछारें डाली गईं।
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मामला हद से बढ़ा तो पुलिस ने 17 विधायकों व ढाई सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि सभी को शाम को निजी मुचलकों पर रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान 50 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता और पुलिसकर्मियों के चोटिल होने की खबर है।
अंतिम बैरिकेडिंग पर भीड़ बढ़ती देख पीछे से आ रहे कार्यकर्ताओं के हुजूम को रोकने के लिए कई बार पानी की बौछारें की। इस बीच करीब ढाई घंटे तक पुलिस और भाजपाइयों में जोर आजमाइश का दौर चलता रहा।
इससे पूर्व प्रदेश भर से हजारों की संख्या में पहुंचे भाजपाई रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल के ग्राउंड पर एकत्र हुए। यहां पर वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित कर जोश भरा। दोपहर करीब एक बजे कार्यकर्ताओं के हुजूम ने विधानसभा घेराव के लिए बन्नू मैदान से कूच किया।
कार्यकर्ताओं को प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेशाध्यक्ष अजय भट्ट, सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक, अजय टमटा, माला राज्यलक्ष्मी शाह, तरुण विजय, झारखंड प्रभारी त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, संगठन महामंत्री संजय कुमार समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।