फेक फील्डिंग के नियम:
एमसीसी ने ट्वीट कर बताया कि नियम 41.5 के अनुसार 'फेक फील्डिंग' का नियम कहता है, 'किसी भी फील्डर के लिए जानबूझकर, अपने शब्दों से अथवा ऐक्शन से, स्ट्राइकर के गेंद खेलने के बाद किसी भी बल्लेबाज का ध्यान भटकाना, बहकाना अथवा बाधा पैदा करना गलत है।' वहीं नियम 41.5.2 के तहत, 'यह दोनों में से किसी भी अंपायर का दायित्व है कि वह तय करे कि बहकाना, ध्यान भटकाना अथवा बाधा उत्पन्न करना जानबूझकर किया गया है अथवा नहीं।'
अगर अंपायर यह पाता है कि किसी फील्डर ने जानबूझकर गलती की है तो वह उस गेंद पर आउट हुए खिलाड़ी को नॉटआउट करार दे सकता है और गेंद डेड बॉल हो जाएगी। इसके साथ ही बैटिंग कर रही टीम को पांच रन दिए जाएंगे। इसके साथ ही उस गेंद पर बने रन भी टीम को मिलेंगे।