रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीएल की ज्यादातर फ्रेंचाइजियां उस नियम को दोबारा लागू करने के पक्ष में हैं जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके या पांच साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलने वाले कैप्ड भारतीय खिलाड़ियों को अनकैप्ड की श्रेणी में रखा जाता है।
आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी से पहले आईपीएल शीर्ष परिषद की शनिवार को बैठक होनी है। इसमें कई अहम फैसले अहम लिए जा सकते हैं। इसमें राइट टू मैच (आरटीएम) और खिलाड़ियों के रिटेंशन से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं।
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- फोटो : BCCI/IPL
इस बैठक से पहले इएसपीएनक्रिकइनफो की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मेगा नीलामी के दौरान प्रत्येक टीम को पांच खिलाड़ियों के रिटेंशन की अनुमति दी जा सकती है। इसी के साथ एक राइट टू मैच (आरटीएम) कार्ड के उपयोग का भी विकल्प दिया जा सकता है। हालांकि, अब तक यह फैसला नहीं हो सका है कि रिटेन किए गए खिलाड़ियों में कितने भारतीय और कितने विदेशी खिलाड़ी होंगे।
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- फोटो : twitter
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि अब तक कुल पर्स की पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि, माना जा रहा है कि 115-120 करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। अगर आईपीएल शीर्ष परिषद की बैठक में 5 + 1 मॉडल को मंजूरी मिल जाती है तो यह टूर्नामेंट के इतिहास में खिलाड़ियों को बरकरार रखने की सबसे अधिक संख्या होगी। आईपीएल 2018 से पहले पांच रिटेंशन की अनुमति दी गई थी, जिसमें तीन रिटेंशन या तीन आरटीएम कार्ड शामिल थे। इसमें अधिकतम तीन भारतीय खिलाड़ी शामिल हो सकते थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीएल की ज्यादातर फ्रेंचाइजियां उस नियम को दोबारा लागू करने के पक्ष में हैं जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके या पांच साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलने वाले कैप्ड भारतीय खिलाड़ियों को अनकैप्ड की श्रेणी में रखा जाता है। आईपीएल 2021 के बाद इस नियम को खत्म कर दिया गया था। अगर यह नियम वापस लाया जाता है, तो यह चेन्नई सुपर किंग्स को पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में बनाए रखने की अनुमति दे सकता है, जिससे उन्हें नीलामी में जाने से पहले एक मजबूत पर्स मिल सकता है। 2017 में आईपीएल ने अनकैप्ड खिलाड़ी को बनाए रखने के लिए तीन करोड़ रुपये की कीमत तय की थी जिसे 2021 में बढ़ाकर चार करोड़ रुपये कर दिया गया था।