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जम्मू-कश्मीर में एक कार्यक्रम के दौरान छलकीं सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की आंखें

Sun, 04 Dec 2016 07:08 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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ts thakur - फोटो : Amar Ujala
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर अपने बचपन के सरकारी स्कूल सेंटर बेसिक स्कूल पुरानी मंडी की हालत देख भावुक हो उठे। उनकी आंखें छलक पड़ीं।  
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स्कूल के पुराने दिनों और शिक्षकों की याद से भावुक होते हुए कहा कि उन्हें स्कूल का दौरा कर खुशी के साथ-साथ हैरानी भी हुई है। लाइब्रेरी में सब कुछ है किताब नहीं, लैब में टेस्ट ट्यूब दिखाई नहीं दे रही। 50 साल पहले जिन डेस्कों पर बैठकर वह पढ़े, आज भी वही डेस्क स्कूल में जर्जर हालत में पड़े हैं। 
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ts thakur - फोटो : Amar Ujala
चीफ जस्टिस ठाकुर ने कहा कि रियासत में आतंकवाद की वजह से सरकार कई चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन, शिक्षा के साथ समझौता नहीं हो सकता। तालीम से ही तरक्की संभव है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में तो कुछ लोग हालात खराब करने के मकसद से स्कूल जला रहे हैं। पर जम्मू में स्कूलों की उपेक्षा हो रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी भी उम्मीद बाकी है। 

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ts thakur - फोटो : Amar Ujala
उन्होंने सरकार से अपील की कि वह स्कूलों को बचाए और बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने का इंतजाम करे। उन्होंने कहा कि अगर सेंटर बेसिक स्कूल इस तरह ही उपेक्षा का शिकार होता रहा तो आने वाले सालों में यह पार्किंग या व्यावसायिक केंद्र के रूप में देखने को मिलेगा। वह दिन काला होगा। 
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ts thakur - फोटो : Amar Ujala
उन्होंने कहा कि स्कूल की हालत को बेहतर बनाने के लिए अगर उनसे कुछ बन पड़ा तो वह जरूर करना चाहेंगे। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह सरकारी स्कूल में पढ़कर मुख्य न्यायाधीश पद तक पहुंचे हैं। 
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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने सेंटर बेसिक स्कूल पुरानी मंडी में अपने शिक्षकों को सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। कहा कि अपने कई शिक्षकों को देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। वह अपने हेडमास्टर रहे गोविंद राम को याद करते हुए रो भी पड़े। 
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वह अपने हेडमास्टर रहे गोविंद राम को याद करते हुए रो भी पड़े। 
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