फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन दिन बाद खुले बैंक, व्यवस्था फिर दिखी चौपट

Tue, 13 Dec 2016 05:41 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 4
पनकी में स्टेट बैंक के बाहर लाइन में थक कर बैठने को मजबूर वृद्ध - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
कैश की किल्लत ने लोगों के हाथ बांध दिए हैं। तीन द‌िन बाद जब मंगलवार को बैंक खुले तो लोग पैसों न‌िक‌िलवाने दौड़े, मगर वहां फ‌िर से उन्हें लंबी लाइनों के दर्शन हुए। नजारा देख बहुत लोगों की आधी ह‌िम्मत टूट गई। कुछ ह‌िम्मत जुटा कर बैंक की लाइनों में लगे तो घंटों इंतजार के बाद वे भी थक हार कर जमीन पर बैठते द‌िखाए द‌िए।

 
विज्ञापन

पैसे की है सख्त जरूरत लेक‌िन...

2 of 4
रुपए के ल‌िए परेशान जयशंकर त‌िवारी - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
उधर घंटों लाइन में लगे कई लोगों का गुस्सा और कईयों का दर्द जुबां पर आया। इनका कहना है पैसों के बिना एक-एक दिन भारी पड़ रहा है। दूध से लेकर गृहस्थी का सामान उधार लेना पड़ रहा है। 

नोट बंदी के बाद से कैश का संकट खत्म नहीं हो रहा है। किसी तरह से गृहस्थी की गाड़ी खिंच रही है। एटीएम से पैसे नकालने जाते है तो एटीएम बंद म‌िलते हैं। क‌िसी एटीएम का द्वार खुला म‌िलता है तो वहां कैश खत्म म‌िलत है। ऐसे हालात में बच्चों की स्कूल फीस तक भरना मुश्क‌िल हो गया है। लाइन में लगे लोग अपना-अपना दुखड़ा रोते द‌िखे। 


जयशंकर त‌िवारी प‌िछले कई द‌िनों से पैसे के अभाव में कभी एटीएम तो कभी बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। लेक‌िन इन्हें पैसा अब तक नहीं म‌िल पाया है। जयशंकर का कहना है क‌ि वे ज‌िस भी एटीएम गए उनमें कैश ही नहीं म‌िला। गार्ड एटीएम द्वार पर पैर रखने से पहले दूर से हाथ ह‌िलाकर इशारा कर देता है। मेरे रोज-रोज के एटीएम के चक्कर काटने पर शहर के तमाम एटीएम गार्ड मुझे पहचानने लगे हैं। उन्हें भी मेरा दर्द समझ आता है। इसल‌िए वे दूर से ही इशारा कर समझा देते हैं।  
विज्ञापन

घर लौटने क‌े ल‌िए पैसे कहां से लाऊं

3 of 4
म‌ुंबई से आए अब्दुल रहीम को घर वापस लौटने के ल‌िए चाह‌िए पैसे - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
पैसों क‌े अभाव में कई यात्री अपने घर वापस नहीं पहुंच पा रहे हैं। ज्यादातर युवा जो पढ़ाई के ल‌िए दूसरे शहरों का रुख करते हैं उनके सामने भी पैसों की व‌िकट समस्या है। मुंबई से कानपुर आए अब्दुल रहीम ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, मुंबई से आया हूं। घर लौटने क‌े ल‌िए ट‌िकेट के पैसे भी नहीं जुटा पा रहा। बस बैंकों और एटीएम तक अंधी दौड़ लगा रहा हूं।  
विज्ञापन

तो ऐसे गुजरा जन समस्या समाधान द‌िवस

4 of 4
जन समस्या समाधान द‌िवस में छाया सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
जन समस्या समाधान द‌िवस पर जनता की समस्या के समाधान के ल‌िए कार्यालय में जोनल प्रभारी पूरा द‌िन अकेले बैठे रहे। दरअसल, लोग मंगलवार को बैंकों से पैसे न‌िकालने की जद्दोजहद में लगे रहे। इस समय लोगों की सबसे बड़ी समस्या बैंक से पैसे न‌िकालने को लेकर है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें