मुख्यमंत्री ने समूह के रजिस्टर में अपना नाम पता भी दर्ज कराया
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सीएम बघेल ने वीडियो ट्विट कर लिखा, ''आज हरेली पर्व के शुभ अवसर पर हमने राज्य में गौ-मूत्र खरीदी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर चंदखुरी की निधि स्व-सहायता समूह को 5 लीटर गौ-मूत्र बेचकर मैं पहला विक्रेता बना और मुझे 20 रुपये की आय प्राप्त हुई। गौ-मूत्र की खरीदी करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है।''
उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में आज से 2 साल पहले 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से हुई थी। इसके तहत गौठनों में पशुपालक ग्रामीणों से 2 रुपये किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। देश- दुनिया में गोबर की खरीदी की गोधन न्याय योजना की बेजोड़ सफलता ही गौ-मूत्र की खरीदी का आधार बनी है। गोबर खरीदी के जरिए बड़े पैमाने पर जैविक खाद का निर्माण और उसके उपयोग के उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए अब गोमूत्र की खरीदी कर इससे कीट नियंत्रक उत्पाद, जीवामृत, ग्रोथ प्रमोटर बनाए जाएंगे। इसके पीछे मकसद यह भी है कि खाद्यान्न उत्पादन की विषाक्तता को कम करने के साथ ही खेती की लागत को भी कम किया जा सके।