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शोक में डूबा दीप सिद्धू का पैतृक गांव: ग्रामीण बोले- हादसा या साजिश...निष्पक्ष जांच होनी जरूरी, यकीन नहीं हो रहा

Wed, 16 Feb 2022 03:24 PM IST
ajay kumar जगदीश जोशी, संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
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दीप सिद्धू - फोटो : फाइल फोटो
पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत के बाद उनके पैतृक गांव उदेकरण में शोक की लहर है। गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम हैं। हर कोई दीप की मौत से भावुक है। दीप सिद्धू अब उनके बीच नहीं रहे, यह यकीन करने को कोई तैयार नहीं है। बता दें कि दीप सिद्धू के पिता सुरजीत सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है। वह पेशे से वकील थे। अब उनके जवान बेटे की अचानक मौत ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि एक न एक दिन तो सभी को इस दुनिया को अलविदा कहना है, मगर दीप सिद्धू का इतनी कम उम्र में जाना किसी ने सोचा नहीं था। दीप सिद्धू के गांव में सन्नाटा पसरा है। हर व्यक्ति की जुबान पर दीप सिद्धू की चर्चा है। ग्रामीण सुखचैन सिंह निक्का, जुगराज सिंह ने कहा कि यह सिर्फ दीप सिद्धू के परिवार और गांव व राज्य के लिए ही नहीं बल्कि कौम के लिए भी दुखदाई घटना है। 
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दीप सिद्धू का पैतृक गांव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इतने छोटे से गांव से निकलकर मुंबई फिल्म नगरी में नाम चमकाना दीप सिद्धू की काबिलियत को दर्शाता है। दीप अच्छे वक्ता थे। उनके विचार सभी को प्रभावित करते थे। बचपन से ही दीप होनहार था। माता का बचपन में ही निधन हो गया था। चार-पांच वर्ष पहले पिता का भी देहांत हो गया। इसके बाद से वह लुधियाना में रहने लगे थे। मगर अपने पैतृक गांव आते रहते थे। ग्रामीणों ने कहा कि इस घटना ने सभी को झकझोर दिया है। पूरे पंजाब में दीप की मौत से शोक की लहर है। 
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शोक संवेदना व्यक्त करते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संयुक्त समाज मोर्चा के प्रत्याशी अनुरुप कौर संधू ने कहा कि दीप पंजाबी फिल्म जगत का ऐसा कलाकार था जिसने पंजाबी सिनेमा को नया आयाम दिया। जोरा दस नंबरिया के किरदार ने उन्हें पहचान दी। किसान आंदोलन में भी वे किसानों के समर्थन में खुलकर झंडा बुलंद करते रहे। वे एक दो बार किसान आंदोलन में उनसे मिली थीं। ग्रामीण ने इस सड़क हादसे की निष्पक्ष की जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि ये सड़क हादसा है या साजिश के तहत मारा गया है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है। दीप सिद्धू के चाचा का परिवार अभी गांव उदेकरण में ही रहता है। 

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दीप सिद्धू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौजूदा विधायक व शिअद-बसपा प्रत्याशी कंवरजीत सिंह रोजी बरंकदी ने कहा कि दीप सिद्धू के परिवार से उनके पारिवारिक रिश्ते रहे हैं। बहुत अफसोस है कि छोटी उम्र में ऐसा नामवार हीरा गुम हो गया है। अकाली नेता जगजीत सिहं हनी फत्तनवाला ने दीप को याद करते हुए कहा कि अपनी पहली पंजाबी फिल्म रमता जोगी का प्रमोशन करने दीप सिद्धू टीम के साथ मुक्तसर आए थे। तबसे उनसे मित्रता हुई थी। फिल्म जगत से लेकर किसान आंदोलन तक अहम भूमिका निभा नाम कमाया। कांग्रेस प्रत्याशी करन कौर बराड़ ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार के साथ सांत्वना जाहिर की।
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दीप सिद्धू - फोटो : इंस्टाग्राम
ज्वाइन करना चाहते थे आर्मी, मगर किस्मत ले आई मुंबई
दीप सिद्धू ने कभी अभिनय के क्षेत्र में आने के बारे में नहीं सोचा था। वह आर्मी ज्वाइन करना चाहते थे। मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था जो उन्हें मुंबई ले गई। दीप सिद्धू ने मुंबई में सात-आठ वर्ष लंबा संघर्ष किया। मुंबई जाकर मॉडलिंग से शुरुआत की। इसी दौरान अभिनेता सनी देयोल के साथ ट्रैक्टर का एक विज्ञापन मिला। बाद में दीप सिद्धू व सनी देयोल में गहरी दोस्ती हो गई थी।
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