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UPSC पास करने का इनका फंडा कुछ अलग है, इन 7 फॉर्मूलों ने बदल दी जिंदगी

Sat, 08 Aug 2020 04:45 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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टॉपर चंद्रज्योति अपने माता-पिता के साथ - फोटो : अमर उजाला
यूपीएससी की परीक्षा पास करना मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। हर प्रतिभागी अलग है और उसके पढ़ने और लिखने का तरीका भी। आज हम बात कर रहे हैं चंद्रज्योति की जिन्होंने पहली ही बार में इस कठिन परीक्षा को पास कर लिया।   
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pexels.com
सिविल सर्विसेज की परीक्षा में ऑल इंडिया में 28वां रैंक हासिल करके ट्राइसिटी में टॉपर रहीं चंद्रज्योति की दिली इच्छा है कि उन्हें पंजाब क्षेत्र में सेवा करने का मौका मिले। यहां सेवाएं देकर वह शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करना चाहती हैं। शिक्षा व्यवस्था और महिलाओं की समस्याओं ने उन्हें आईएएस बनने के लिए प्रेरित किया।
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सांकेतिक तस्वीर
भवन विद्यालय चंडीगढ़ सेक्टर- 27 से 12वीं कर चुकीं और मोहाली की रहने वाली चंद्रज्योति ने बताया कि पहली ही बार में सिविल सर्विसेज की परीक्षा उत्तीर्ण की है। चंद्रज्योति के पिता दलबारा सिंह आर्मी से रिटायर्ड डॉक्टर और माता मीणा सिंह गृहणी हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
चंद्रज्योति ने बताया कि 2018 में दिल्ली से इतिहास में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। आईएएस बनने का बचपन से ही सपना था, इसलिए उन्होंने स्कूल से ही अखबार पढ़ने की आदत डाली थी। चंद्रज्योति ने बताया उन्होंने दिल्ली में रहकर सेल्फ स्टडी की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
तैयारी के दौरान कई बार उनका हौसला कमजोर पड़ जाता था। ऐसे में उनकी माता उनके लिए हौसला बनी। वे दिल्ली जाकर कई दिन उनके साथ रहती और उन्हें अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रेरित करतीं। चंद्रज्योति ने बताया प्रारंभिक परीक्षा, लिखित परीक्षा और साक्षात्कार परीक्षा की घड़ी में उनकी मां उनके पास थीं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ऐसे चढ़ी सफलता की सीढ़ी
1. प्रतिदिन अखबार पढ़ना।
2. करंट अफेयर्स पर ज्यादा फोकस और रिवीजन।
3. बेसिक्स के लिए एनसीईआरटी की किताबें पढ़ी।
4. सभी विषयों के लिए चुनी हुई किताबें पढ़ी। 
5. प्रिलिम्स के लिए मॉक टेस्ट पर ज्यादा फोकस। 
6. मैंस में आंसर राइटिंग पर किया ज्यादा फोकस।   
7. कोचिंग सेंटर घूमने की बजाय सेल्फ स्टडी पर दिया ध्यान। 
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