हॉकी खिलाड़ी सविता पुनिया।
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कोचिंग के दौरान खेल छोड़ने का भी बनाया था मन
नर्सरी हॉकी में दाखिले के बाद शुरूआती दो साल कोचिंग के बहुत कठिन थे, इस दौरान कई बार खेल छोड़ने का मन किया। पिता ने भी कहा अगर सहीं नहीं लग रहा तो छोड़ दे। रात भर सोचने के बाद सुबह खुद ब खुद दिमाग हॉकी स्टिक को खोजने लगता।