आज विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपना स्थापना दिवस मना रहा है। इस उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में विशेष शाखा लगाई गई। देखिए तस्वीरों में।
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यह विशेष शाखा सेक्टर 20 में मस्जिद के पास लगाई गई। इसमें काफी संख्या में आरएसएस स्वयंसेवक हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। जो भी सदस्य शाखा में स्वयं की इच्छा से आता है, वह "स्वयंसेवक" कहलाता है।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( R.S.S.) एक हिंदू संघटन है, जिसके सिद्धान्त हिंदुत्व में निहित और आधारित हैं। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अपेक्षा संघ या आर.एस.एस. के नाम से अधिक प्रसिद्ध है।
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आरएसएस की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ॰ केशव हेडगेवार द्वारा की गयी थी। बीबीसी के अनुसार संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संस्थान है।
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संघ में संगठनात्मक रूप से सबसे ऊपर सरसंघ चालक का स्थान होता है जो पूरे संघ का दिशा-निर्देशन करते हैं। सरसंघचालक की नियुक्ति मनोनयन द्वारा होती है। प्रत्येक सरसंघचालक अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करता है।
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संघ के वर्तमान सरसंघचालक श्री मोहन भागवत हैं। संघ के ज्यादातर कार्यों का निष्पादन शाखा के माध्यम से ही होता है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर सुबह या शाम के समय एक घंटे के लिये स्वयंसेवकों का परस्पर मिलन होता है।
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वर्तमान में पूरे भारत में संघ की लगभग पचास हजार से ज्यादा शाखा लगती हैं। वस्तुत: शाखा ही तो संघ की बुनियाद है जिसके ऊपर आज यह इतना विशाल संगठन खड़ा हुआ है।
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शाखाएं- सुबह लगने वाली शाखा को "प्रभात शाखा" कहते है। शाम को लगने वाली शाखा को "सायं शाखा" कहते है। रात्रि को लगने वाली शाखा को "रात्रि शाखा" कहते है। सप्ताह में एक या दो बार लगने वाली शाखा को "मिलन" कहते है। महीने में एक या दो बार लगने वाली शाखा को "संघ-मण्डली" कहते है।