गायक सिद्धू मूसेवाला की अंतिम अरदास।
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बलकौर सिंह ने कहा कि सिद्धू बेहद सीधा-साधा बच्चा था। जैसे गांव के लोग होते हैं। जब वह नर्सरी में पढ़ रहा था तब गांव से कोई बस भी नहीं जाती थी। साधनों की बेहद कमी थी। कभी बसों से तो कभी अपने स्कूटर से स्कूल ले जाता था। मैं फायर ब्रिगेड में था तो मूसेवाला को छोड़ने की वजह से ड्यूटी पर 20 मिनट लेट हो गया। उस दिन मैंने कहा कि बेटा या तो तू पढ़ेगा या मैं नौकरी करूंगा। सिद्धू ने दूसरी कक्षा से 12 वीं तक साइकिल चलाई। वह रोजाना 24 किलोमीटर स्कूल और ट्यूशन साइकिल चलाकर जाता था।