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पांच लोगों की हत्या : एक दिन बाद आना था घर लेकिन पहुंची पहलवान पूजा की लाश, फोन पर मां से कही थी ये बात

Sun, 14 Feb 2021 01:11 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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रोहतक हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के रोहतक के जाट कॉलेज अखाड़ा में पांच लोगों की हत्या के मामले में शनिवार को पीजीआईएमएस में मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के दौरान शवगृह के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। वे शिष्य भी पहुंचे, जिन्होंने सुखविंदर से कुश्ती के दाव पेंच सीखें हैं। सभी इस मंजर को देखकर आरोपी सुखविंदर को कोस रहे थे। शवगृह के बाहर पांचों मृतकों के परिजन व जानकार पहुंचे।
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आरोपी सुखविंदर सिंह। - फोटो : अमर उजाला
आखिरी बार मम्मी से पूजा की हुई थी बातचीत
मम्मी मेरे पैर में दर्द है मैं आज घर नहीं आ सकती। शाम तक आराम हो जाएगा फिर मैं शनिवार को घर आ जाऊंगी। यह शब्द आखिरी बार उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की रहने वाली महिला पहलवान पूजा ने शुक्रवार सुबह फोन पर अपनी मम्मी से कहे थे। मां भी खुश थी कि करीब 16 दिन बाद उसकी बेटी घर आएगी। उन्हें क्या पता था कि उनकी लाड़ली आएगी तो लेकिन कफन में लिपटकर आएगी। 
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मृतक मनोज के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से मथुरा जिले के सिहोरा गांव की रहने वाली पूजा तोमर करीब दो साल से यहां पर रहकर कुश्ती का अभ्यास करती थी। पूजा चार भाई-बहन में सबसे छोटी थी। उससे बड़ी दो बहन और सबसे बड़ा भाई विष्णु है। पूजा के पिता रामगोपाल वहीं पर दुकान करते हैं। पीजीआईएमएस के पोस्टमार्टम हाउस में पूजा का शव लेने पहुंचे भाई विष्णु ने बताया कि पूजा 26 जनवरी को घर से यहां आई थी। अक्सर वह तीन-चार दिनों के घर आ जाती थी।

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पूजा के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को भी उसे घर पहुंचना था लेकिन सुबह के समय उसने फोन किया कि पैर में दर्द है, जिस कारण नहीं आ सकती। हालांकि परिवार के सदस्यों ने उसे कहा कि अगर आराम लगे तो बस में बैठकर आ जाना लेकिन पूजा ने मना कर दिया था। पूजा ने कहा था कि वह शनिवार को ही घर आ जाएगी। क्या पता था कि पूजा की किस्मत अब उसका साथ छोड़ने वाली है। यदि पूजा शुक्रवार सुबह ही यहां से निकल जाती तो उसकी जान बच सकती थी। लेकिन अनहोनी को कौन टाल सकता है।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस टीम। - फोटो : अमर उजाला
नहीं पता था कि उजाड़ देगा मेरी दुनिया  
पीजीआइएमएस के पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचे मुख्य कोच मनोज मलिक के पिता चंद्र सिंह का कहना है कि वह करीब एक साल से सुखविंदर को जानते थे। सुखविंदर उनके घर पर भी गया था। उन्हें क्या पता कि जो व्यक्ति आज उनके घर में आया है एक दिन वही उनके घर को उजाड़ देगा। पहले पता होता तो वह मनोज को ऐसे दरिंदे से दूर कर देते।
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मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
सतीश के लिए परिजन तलाश रहे थे अच्छा रिश्ता
झज्जर के गांव माडोठी के रहने वाले राजबीर ने बताया कि उसका छोटा भाई सतीश (28) 3 साल से रोहतक में कोच है। पिता राजेंद्र आर्मी से रिटायर्ड हैं। वह अविववाहित था, जिसके लिए परिजन अच्छा रिश्ता तलाश रहे थे। बहुत जल्द ही परिजनों ने उसके हाथ पीले करने थे। मगर किसी को क्या पता था, परिजनों को जवान बेटे की अर्थी को असमय कंधा देना पड़ेगा।
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अस्पताल में जमा भीड़। - फोटो : अमर उजाला
सरताज की हालत नाजुक, बुलेटिन जारी
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के आपातकालीन विभाग में शुक्रवार को एक बच्चा गंभीर हालत में आया था, जिसको गोली लगी हुई थी। डॉक्टरों ने तुरंत उसकी जांच की और पीकू के इंचार्ज डॉ. कुंदन मित्तल की अध्यक्षता में निदेशक डॉ. रोहतास यादव ने एक टीम बनाई जो लगातार बच्चे की निगरानी कर रही है।
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रोहतक हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला
डॉ. कुंदन ने बताया गया कि बच्चे के सिर में गोली लगी थी जो आरपार हो गई है और बच्चे को फिलहाल वेंटिलेटर पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि बच्चे का निरीक्षण न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम व नेत्र रोग विभाग की टीम भी कर रही है। उन्होंने बच्चे की जांच कि है जिसमें पाया गया है कि गोली से सिर को गंभीर क्षति पहुंची है, वही बच्चे के स्टेबल होने पर उसकी आंख का भी ऑपरेशन करना पड़ेगा और शायद उसकी आंख भी निकालनी पड़ी।
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