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कॉमेडी किंग मेहर मित्तल की जिंदगी का एक बड़ा सच आया सामने

Mon, 24 Oct 2016 09:38 AM IST
शबनम कौर/जगदीश जोशी/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कॉमेडी किंग मेहर मित्तल
कॉमेडी किंग मेहर मित्तल सभी को रुलाकर चले गए, लेकिन उनकी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे राज सामने आए हैं, जिन्हें आप जानते नहीं होंगे। देखिए एक नजर।
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कॉमेडियन किंग मेहर मित्तल की 10 बातें - फोटो : File Photo
मेहर मित्तल के बारे में ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के नॉर्थ जोन डायरेक्टर ब्रह्मा कुमार अमीर चंद ने बताया कि वह पिछले 8-10 सालों से मेहर मित्तल को जानते थे।  वह(मेहर मित्तल) 15 सालों से ब्रह्मकुमारी संस्थान से जुड़े थे। वह सर्दियों में मुंबई में रहते थे और गर्मियों में पंजाब। इस दौरान फिर उनका मुंबई से पंजाब तो पंजाब से मुंबई आना जाना लगा रहता था।
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कॉमेडी किंग मेहर मित्तल
ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से उनके जुड़ने का कारण यह तीन बातें थीं-  एक तो उनका इससे जुड़ने का कारण इस संस्थान का निराकार ईश्वर में आस्था रखना था, दूसरा इससे जुड़ने से उन्हें आत्मिक शांति मिली और तीसरा उनका मानना था कि आध्यात्मिकता से पंजाब में बढ़ रहे नशे को कम किया जा सकता है। इससे इंसान नशे से मुक्ति पा सकता है।

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कॉमेडी किंग मेहर मित्तल
अमीर चंद ने बताया कि वह हमेशा यह कहते थे कि मैंने लॉ भी किया है, प्रैक्टिस में मेरी रुचि नहीं है लेकिन मैं ऐसा काम करना चाहता हूं जिससे समाज की बुराइयों को कुछ हद तक कम कर सकूं। सिनेमा एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए मैं समाज में बदलाव ला सकता हूं। उनके भांजे रमेश गर्ग ने बताया कि मेहर मित्तल ब्रह्माकुमारी संस्था को बहुत मानते थे। इसलिए पिछले 7-8 साल से वह माउंट आबू में उनके मेन सेंटर के पास रहते थे।
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कॉमेडी किंग मेहर मित्तल
साल 1974 में उन्होंने सच्चा मेरा रूप है नाम की पंजाबी फिल्म से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। दर्शकों को इनके कॉमिक रोल काफी पसंद आते थे। 1998 में वो आखिरी बार 'कहर' में दिखे। 300 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले मेहर मित्तल की इश्क निमाना, चन्न परदेसी, पुत्त जट्टां दे, लौंग दा लिशकारा, निम्मो जैसी फिल्में काफी हिट हुई थीं।
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कॉमेडी किंग मेहर मित्तल
मेहर मित्तल ने कई नाटकों में भी काम किया। पंजाबी फिल्मों में अपने योगदान के लिए उन्हें कई अवॉर्ड भी मिले। उन्हें मुंबई में दादा साहेब फाल्के की 136वीं जयंती पर दादा साहब फाल्के अवार्ड से नवाजा गया था। इसके अलावा उन्हें पंजाब स्टेट अवॉर्ड भी मिल चुका है। मेहर​ मित्तल के बारे में कहा जाता था कि उनके बिना कोई पंजाबी फिल्म बनती ही नहीं थी। अगर बन भी जाती थी तो बिकती नहीं थी।
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कॉमेडी किंग मेहर मित्तल
मेहर मित्तल का जन्म बठिंडा के एक गांव में 1935 को हुआ था। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने अध्यापक के तौर पर काम किया। फिर वह चंडीगढ़ आ गए और यहां एक वकील के तौर पर प्रैक्टिस करते रहे। मेहर मित्तल सात भाई और उनकी दो बहनें थी। मित्तल की चार लड़कियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। इनमें से तीन चंडीगढ़ में रहती हैं और एक मुंबई में।
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कॉमेडी किंग मेहर मित्तल
गौरतलब है कि तबीयत खराब होने के कारण मेहर मित्तल पिछले सप्ताह अहमदाबाद के हॉस्पिटल में एडमिट थे। मेहर के भांजे रमेश गर्ग ने बताया कि अहमदाबाद हॉस्पिटल के बाद उन्हें माउंट आबू हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। जहां डॉक्टरों ने जवाब दे दिया और उन्हें माउंट आबू में अपने घर ले आए, जहां शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 
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