जेएनयू प्रकरण से सुर्खियों में आए छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने 10वीं की छात्रा को खुला चैलेंज दिया है। जानिए आखिर क्या कहा?
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
जानह्वी बहल, कन्हैया कुमार
- फोटो : फाइल फोटो
कन्हैया कुमार ने कहा कि जाह्नवी हर बार उनसे डिबेट करने की बात करती है। अगर वह देश की गरीबी और देश के हालात पर डिबेट करना चाहती है तो वह तैयार हैं। अगर राजनीतिक तौर पर जाह्नवी डिबेट करना चाहती हैं तो वह अमेरिका में होने वाली प्रेसिडेंट डिबेट में हिस्सा लें। वे चाहते हैं कि जाह्नवी खूब तरक्की करें, लेकिन राजनीति का शिकार न बने।
विज्ञापन
3 of 5
कन्हैया कुमार
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
कन्हैया लुधियाना में पंजाबी साहित्य अकादमी और सोशल थिंकर्ज फोरम के सहयोग से पंजाबी भवन में आयोजित सेमिनार में पहुंचे थे। यहां कन्हैया कुमार ने कहा कि वे एंटी इंडिया कैंप के नहीं, एंटी मोदी कैंप के आदमी हैं। मोदी अकेले इस देश के नागरिक नहीं है। देश सवा सौ करोड़ लोगों का है। अगर कोई दायरे में रह कर विरोध करता है तो वह उसका अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट कहती है कि सरकार का विरोध करना देश का विरोध नहीं है।
4 of 5
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा, राष्ट्रीय स्तर पर नहीं दिख रहा बिहार जैसा महागठबंधन
- फोटो : PTI
कन्हैया ने कहा कि देश में जो युद्ध के माहौल बने हुए हैं, मैं उस पर आवाज उठाता हूं। युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। युद्ध होगा तो कई लोग मारे जाएंगे। देश लोगों से बनता है, नेताओं से नहीं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के मुद्दे को उठाकर जो देश के असली सवाल हैं, उससे लोगों का ध्यान भटकाया जा रहा है।
कन्हैया पर हमला
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
कन्हैया कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में वह सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथी कसूरवार हैं। साथ ही उन्होंने कटाक्ष किया कि उनके जैसे साधारण आदमी को इतनी शोहरत भी प्रधानमंत्री और उनके साथियों की वजह से ही हासिल हुई है। बता दें कि लुधियाना में कन्हैया कुमार को वकीलों के विरोध का सामना करना पड़ा। वकीलों ने करीब डेढ़ बजे पंजाबी भवन के बाहर प्रदर्शन किया।