सात दशक पहले ईसाई धर्म अपनाने वाले 23 परिवारों के 128 लोगों ने मंगलवार को पजांब के छेहरटा (अमृतसर) के स्थानीय गुरुद्वारा शिरोमणि शहीद जीवन सिंह में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हाजिरी में अपने मूल सिख धर्म में वापसी की। घर वापसी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन धर्म जागरण मंच की मुहिम के तहत हुई। कुछ दिनों पहले इन परिवारों के सदस्यों ने अपनी गलती सुधारने के लिए धर्म जागरण मंच के पदाधिकारियों के सामने अपने मूल सिख धर्म में वापस आने की इच्छा जाहिर की थी। सभी मजहबी समुदाय के हैं।
Trending Videos
विज्ञापन
देखिए, धर्म परिवर्तन कर 128 लोग ईसाई से बने सिख
2 of 5
गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार बाबा मनजीत सिंह, भाई बलविंद्र सिंह श्री आनंदपुर साहिब वाले, भाई मलकीत सिंह सुल्तान विंड वाले, भाई दविंदर सिंह मीराकोट वाले, ग्रंथी रणजीत सिंह, भाई परमजीत सिंह गुरु वडाली वाले आदि संतों की मौजूदगी में जपुजी साहिब का पाठ करवाकर इन सभी लोगों की सिख धर्म में वापसी हुई। इस मौके पर उन्हें सम्मानित कर जपुजी साहिब और धार्मिक पुस्तकें भेंट की गईं। अमृतसर जिले में अब तक इस वर्ष करीब 700 परिवारों की घर वापसी करवाई जा चुकी है।
विज्ञापन
देखिए, धर्म परिवर्तन कर 128 लोग ईसाई से बने सिख
3 of 5
धर्म जागरण मंच पंजाब के प्रमुख राम गोपाल ने एसजीपीसी के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि एसजीपीसी की धर्म प्रसार कमेटी की घर वापसी मुहिम में हम अपना योगदान दे रहे हैं और आगे भी देते रहेंगे। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि धर्म परिवर्तन रोकने के लिए सरकार सख्त कानून बनाए। मंच के प्रदेश योजना प्रमुख दिनेश शर्मा ने कहा कि सिख संत समाज के सहयोग से मंच लोगों को मूल धर्म में वापस लाने के लिए तैयार कर रहा रहा है।
देखिए, धर्म परिवर्तन कर 128 लोग ईसाई से बने सिख
4 of 5
पादरी रह चुके व चार वर्ष पहले धर्म वापसी करने वाले राज कुमार ने कहा कि ईसाई मिशनरी गरीब परिवारों को लालच देकर अपने साथ जोड़ रही हैं। इन्हें अब वापस लाया जा रहा है। बाबा जीवन सिंह (भाई जैता जी) मजहबी थे। जबरन धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाने पर जब मुगलों ने गुरु तेग बहादुर जी का शीश काट दिया था, तो भाई जैता ही गुरु का शीश दिल्ली से श्री आनंदपुर साहिब लेकर आए थे। दशम गुरु गोबिंद सिंह जी ने भाई जैता के साहस को सम्मान देते हुए रंगरेटा/मजहबियों को गुरु के बेटों की उपाधि दी थी और उन्हें सिख धर्म में शामिल किया था।
भाजपा की सहयोगी पार्टी शिअद और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल धर्मांतरण का विरोध कर चुके हैं। इसके बावजूद आरएसएस ने मंगलवार को घर वापसी कार्यक्रम किया। मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा था कि जबरन धर्मांतरण गलत है। सिख कौम हमेशा इसके विरोध में रही है। शिअद अध्यक्ष डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल भी धर्मांतरण का विरोध किया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी संसद में संघ के घर वापसी कार्यक्रम की निंदा की थी।