इस शख्स को देखिए, ये पाकिस्तानी नागरिक है और पाकिस्तान में ही नहीं रहना चाहता। इसने पाकिस्तान का वो खौफनाक सच बताया, जानकर होश उड़ जाएंगे आपके।
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ये शख्स पाकिस्तानी है और पाकिस्तान में ही नहीं रहना चाहता
मैं हिंदू हूं, यहीं रहना चाहता हूं
मैं हिन्दू हूं और हिंदुस्तान में रहना चाहता हूं। पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं, इसलिए अब वहां नहीं जाना चाहता। मैं कोई पाकिस्तानी एजेंट नहीं हूं। ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जो पाकिस्तान में अत्याचार सहन करने के बाद हिन्दुस्तान आ गए हैं और अब वापस नहीं लौटना चाहते।
– राजा, पाकिस्तानी नागरिक
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वीजा खत्म होने के बाद भी देश में रह रहा पाकिस्तानी गिरफ्तार
हरियाणा के बहादुरगढ़ में नाहरा-नाहरी रोड स्थित इस्कॉन मंदिर में वीरवार को यह पाकिस्तानी दबोचा गया। आईबी, सीआईडी और लोकल पुलिस की टीम ने छापेमारी करके इस पाकिस्तानी को पकड़ा। खुफिया एजेंसियों के अधिकारी उसे गिरफ्तार करके लाइनपार थाने में ले आएं और रात भर पूछताछ करते रहे। उसके पास से पैन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड भी बरामद हुआ।
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वीजा खत्म होने के बाद भी देश में रह रहा पाकिस्तानी गिरफ्तार
पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम राजा है और वह मूलरूप से पाकिस्तान के सिंध प्रांत लकराना की हिंदू कॉलोनी का रहने वाला है। वह साल 2013 में भारत आया था और फरवरी 2017 में उसके वीजा की अवधि खत्म हो गई। पिछले पांच-छह महीने से वह बहादुरगढ़ में रह रहा था। वह यहां इस्कॉन मंदिर में सेवादार बनकर रह रहा था। पकड़ने के बाद एनआईए के अधिकारी उसे दिल्ली ले गए थे।
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वीजा खत्म होने के बाद भी देश में रह रहा पाकिस्तानी गिरफ्तार
दो दिन की पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों व स्थानीय पुलिस को जब उसके पास से एक-एक कागजात असली मिले तो उसे छोड़ दिया व उसकी इच्छा के अनुसार उसे मंदिर में सेवा करने के लिए रहने की इजाजत भी दे दी। गौरतलब है कि रसराज को पाकिस्तानी एजेंट होने की संभावना पर दो दिन पहले आईबी ने काबू करके दिल्ली में एनआईए के अधिकारियों ने पाकिस्तान सेल में पूछताछ की थी।
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ये शख्स पाकिस्तानी है और पाकिस्तान में ही नहीं रहना चाहता
पुलिस पूछताछ में राजा ने बताया कि पाकिस्तान में चोटी रखने वाले हिंदू बाजारों में जाने से पहले टोपी पहन लेते हैं। इससे वे बाजार में लोगों की हंसी का पात्र नहीं बनते और कोई उनकी चोटी पकड़ हिलाता भी नहीं। दरअसल, टोपी वाली फोटो पाकिस्तानी नागरिक रसराज के लिए परेशानी का कारण बन गई। जांच अधिकारियों ने समझा कि वह कोई पाकिस्तानी संदिग्ध है, जो हिंदू के वेश में दिल्ली के साथ लगते बहादुरगढ़ में रह रहा है।
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ये शख्स पाकिस्तानी है और पाकिस्तान में ही नहीं रहना चाहता
रसराज राजपूत ने बताया कि चोटी के कारण ही पाकिस्तान में वह स्कूल नहीं जा पाया। स्कूल में साथी उसकी चोटी को लेकर व मूर्ति पूजा को लेकर मजाक उड़ाते थे। कोई उसकी चोटी को छेड़ देता था तो कोई राह में चलते समय हंसी करता। इससे परेशान होकर उसने स्कूल छोड़ दिया। बाद में - एक शिक्षक ने उसे घर पर ही पढ़ाना शुरू कर दिया। इस कारण उसने दस साल तक पाकिस्तान कॉरपोरेशन में सरकारी नौकरी भी की।
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ये शख्स पाकिस्तानी है और पाकिस्तान में ही नहीं रहना चाहता
रसराज राजपूत ने बताया कि परिवार के लोग उसकी शादी करना चाहते थे, पर उसका दिल भगवान के भजनों में लगता था। इस कारण हिंदुस्तान के मंदिरों का दौरा करने के लिए यात्री वीजा बनवाकर आ गया। अपना जीवन ब्रह्मचारी के रूप में पूरा करने का प्रण लेने के कारण मथुरा के इस्कान मंदिर से बहादुरगढ़ में तैयार हो रहे मंदिर की सेवा में भेज दिया गया।
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वीजा खत्म होने के बाद भी देश में रह रहा पाकिस्तानी गिरफ्तार
रसराज राजपूत ने बताया कि उसके परदादा व दादा राजस्थान के अलवर जिले से हैं। पिता सिंध क्षेत्र की तरफ सरकारी नौकरी करते थे। इस बीच देश का बंटवारा हो गया। उसके बाद से वे वहीं के हो गए। करीब चालीस साल पहले तक दादा दादी व अन्य परिजन पाकिस्तान उनके घर पर आते जाते थे। तब इतनी कागजी कार्यवाही नहीं थी जितनी अब हो गई है।
वीजा खत्म होने के बाद भी देश में रह रहा पाकिस्तानी गिरफ्तार
रसराज राजपूत ने बताया कि 1992 में पिता के निधन पर उनकी इच्छा पूरी करने के लिए बड़ा भाई रतन उनकी अस्थियों को हरिद्वार लेकर आया था। आज भी जिनकी अस्थियों को हरिद्वार तक पहुंचाने की व्यवस्था उनके बच्चे कर पाते है उसे पाकिस्तान के हिंदुओं में मोक्ष की प्राप्ति माना जाता है। वैसे वहां भी अब इस तरह की व्यवस्था है, पर वहां पर गंगा का मोह आज भी लोग छोड़ नहीं पाए।