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Navjot Sidhu in Jail: 'गुरु' अब बन गए नंबर 241383, जेल में पूरे दिन करनी होगी हाड़-तोड़ मेहनत... ये रहेगा शेड्यूल

Sat, 21 May 2022 03:12 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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नवजोत सिद्धू पहुंचे जेल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू जेल पहुंच गए हैं। 34 साल पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। शुक्रवार शाम को सिद्धू ने पटियाला कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद उनका मेडिकल करवाया गया और फिर उन्हें जेल भेज दिया गया। जेल में उन्हें एक नया नंबर मिला है। सिद्धू अब कैदी नंबर 241383 हो गए हैं। उन्हें बैरक नंबर सात में रखा गया है। उन्हें जेल के अंदर एक कुर्सी-मेज, दो पगड़ी, एक अलमारी, एक बेड, बनियान, अंडरवियर, कॉपी-पेन और कुर्ता पायजामा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, सिद्धू ने रात को खाना नहीं खाया। नवजोत सिंह सिद्धू 364 दिन की सजा काटेंगे। दरअसल, वह इस मामले में एक दिन की सजा पहले ही काट चुके हैं। 

अपनी रंगीन ड्रेसिंग स्टाइल के लिए चर्चा में रहने वाले सिद्धू को जेल में सफेद कपड़े ही पहनने पड़ेंगे। जेल नियमों के मुताबिक सजायाफ्ता कैदियों को सफेद कपड़े पहनने होते हैं। वहीं सूत्रों के मुताबिक सिद्धू को पढ़े-लिखे होने के कारण जेल की फैक्टरी में काम दिया जा सकता है, जहां बिस्कुट व फर्नीचर का सामान बनता है। उन्हें जेल की लाइब्रेरी या ऑफिस में भी कोई काम मिल सकता है। तीन माह बिना वेतन के काम करने के बाद सिद्धू को पहले अर्धकुशल कैदी माना जाएगा और इस दौरान उन्हें काम के बदले 30 रुपये का भुगतान होगा। इसके बाद कुशल कैदी बनने पर रोजाना 90 रुपये कमा सकेंगे।
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नवजोत सिद्धू के साथ बिक्रम मजीठिया। - फोटो : फाइल
सिद्धू के राजनीतिक विरोधी मजीठिया भी पटियाला जेल में बंद हैं
नवजोत सिंह सिद्धू के एक बड़े राजनीतिक विरोधी माने जाने वाले बिक्रम सिंह मजीठिया भी पटियाला जेल में बंद हैं। ड्रग तस्करी के केस में मजीठिया अभी अंडर ट्रायल हैं, जबकि सिद्धू रोड रेज मामले में कैदी हैं। 
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नवजोत सिद्धू। - फोटो : twitter
जेल में यह होगा गुरु का रुटीन
जेल सूत्रों के अनुसार, सिद्धू का दिन जेल में सुबह साढ़े पांच बजे शुरू हुआ। इसके बाद सात बजे चाय मिलेगी। सुबह साढ़े 8 बजे नाश्ता करवाया गया। फिर जेल के बाकी कैदियों की तरह उन्हें भी काम के लिए ले जाया गया। शाम साढ़े पांच बजे उनकी छुट्टी होगी। शाम साढ़े छह बजे रात का खाना दिया जाएगा और फिर सवा सात बजे के करीब अन्य कैदियों की तरह उन्हें भी बैरक में बंद कर दिया जाएगा।
 

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नवजोत सिद्धू। - फोटो : फाइल
जेल में नहीं चाहिए वीआईपी ट्रीटमेंट, सेहत व खुराक का ध्यान रखा जाए: सुरिंदर डल्ला
सिद्धू के मीडिया सलाहकार सुरिंदर डल्ला ने कहा कि सिद्धू को लीवर की समस्या है और पिछले समय में उनकी सर्जरी भी हुई है। अभी भी इलाज चल रहा है। वह गेहूं के आटे से बनी रोटी या अन्य खाद्य पदार्थ नहीं खा सकते हैं। स्पेशल डाइट का सेवन करते हैं। सिद्धू को जेल में कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं चाहिए। केवल वहां उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और उनकी खुराक का ध्यान रखा जाए।
 
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नवजोत सिद्धू। - फोटो : फाइल
अच्छा आचरण रहा तो चार माह बाद मिल सकती है पैरोल
नियमों के मुताबिक सिद्धू को फिलहाल चार माह तो जेल में ही काटने पड़ेंगे लेकिन इस दौरान अगर उनका आचरण ठीक रहा तो जेल अधीक्षक उनके पैरोल के लिए सिफारिश कर सकते हैं। उन्हें 28 दिनों तक की पैरोल दी जा सकती है।
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