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शहीद की आखिरी विदाई में रो पड़ा गांव, 10 वर्षीय बेटा बोला- सेना में भर्ती होकर दुश्मनों से बदला लूंगा

Sat, 30 Jan 2021 02:45 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
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शहीद को दी गई आखिरी विदाई। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम क्षेत्र में बुधवार को आईईडी हमले में शहीद हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव जुड्डी निवासी जांबाज सैनिक दीपक कुमार का शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के 10 वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि से पहले भारत माता की जय के नारे लगाए और कहा कि सेना में भर्ती होकर पिता के अधूरे काम को पूरा करूंगा।
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शहीद के बेटे को ढांढस बंधाते सहकारिता मंत्री व अन्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोहन ने कहा कि पापा ने देश के दुश्मनों से लड़ते हुए शहादत दी है। बड़ा होकर सेना में जाऊंगा और दुश्मनों से बदला लूंगा। शहीद की अंतिम यात्रा में भारी जन सैलाब उमड़ा। गांव के राजकीय स्कूल में अंतिम संस्कार किया गया। मंत्री डॉ. बनवारी लाल, भाजपा जिलाध्यक्ष हुकम चंद यादव, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह यादव, पूर्व मंत्री जगदीश यादव, उप-जिला प्रमुख जगफूल, एसडीएम बावल मनोज कुमार ने शहीद को श्रद्धांजिल अर्पित की।
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शहीद को श्रद्धांजलि देते मंत्री बनवारी लाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शहीद का पार्थिव शरीर लेकर सेना का वाहन शुक्रवार को जैसे ही जुडडी गांव पहुंचा तो हर कोई अपने जांबाज सपूत को देखने उमड़ पड़ा। गौरतलब है कि गांव जुड्डी निवासी दीपक कुमार सुपुत्र स्व. श्रीकृष्ण कुमार 23 जून 2005 को 12 आर्म्ड रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। वह वर्तमान समय में कश्मीर में 24 आरआर बटालियन में तैनात थे। कैप्टन मयंक सरदालिया ने बताया कि दीपक कुमार एक निर्भीक और बहादुर जवान थे।

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सलामी देते जवान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सेना के हर कार्य को करने के लिए हमेशा आतुर रहते थे। उन्होंने बताया कि बुधवार को कुलगाम में जब सुरक्षाबलों का दस्ता शम्सीपोरा इलाके में गश्त कर रहा था, तब घात लगाए बैठे आतंकवादियों ने आईईडी से विस्फोट कर दिया। इसमें दीपक कुमार शहीद हो गए, जबकि तीन जवान घायल हो गए थे।दीपक का पार्थिव शरीर पैतृक गांव जुड्डी पहुंचते ही हर आंख नम हो गई।
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शहीद पिता को आखिरी सलामी देता बेटा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांववालों ने जब तक सूरज चांद रहेगा दीपक तेरा नाम रहेगा, भारत माता की जय जैसे गगनभेदी नारों के बीच शहीद दीपक कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों और हरियाणा पुलिस की टुकड़ी ने शस्त्र झुकाकर शहीद को आखिरी सलामी दी। दीपक दो बहनों का इकलौता भाई था। दीपक के पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव पास कर भेजने के बाद शहीद दीपक के नाम से खेल स्टेडियम का नामकरण कर दिया जाएगा।
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