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अग्निकांड: दादा बोले- सपना साकार करने भेजा था चंडीगढ़, अब कभी पाक्षी का मुंह नहीं देख पाएंगे

Sun, 23 Feb 2020 09:16 AM IST
ajay kumar राजीव शर्मा, कोटकपूरा (पंजाब)
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चंडीगढ़ में शनिवार बाद दोपहर एक पीजी में लगी भीषण आग की घटना में कोटकपूरा शहर के प्रमुख कारोबारी और सट्टा बाजार निवासी नवदीप ग्रोवर की बेटी पाक्षी ग्रोवर (18) की भी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी और पाक्षी के पिता नवदीप ग्रोवर अपने भाई व अन्य रिश्तेदारों के साथ चंडीगढ़ रवाना हो गए। 
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जानकारी के अनुसार पाक्षी ग्रोवर बचपन से ही प्रतिभाशाली छात्रा रही। परिवार के अनुसार उसने दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई कोटकपूरा के दशमेश पब्लिक स्कूल से की थी और 11वीं कक्षा में कॉमर्स विषय की पढ़ाई के लिए उसने कोटकपूरा के डीएवी पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया था। पाक्षी ने  सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 97.6 प्रतिशत अंक के साथ डीएवी स्कूल में टॉप किया था। 
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पाक्षी ग्रोवर का इकलौता बड़ा भाई स्टडी बेस पर कनाडा गया हुआ है। वह भी अपने बड़े भाई की तरह कनाडा जाना चाहती थी और इसी मंशा से उसने चंडीगढ़ के एसडी कॉलेज में बीबीए में दाखिला लिया था। बताया जा रहा है कि वह चंडीगढ़ के एक कैनेडियन संस्थान में कोचिंग भी कर रही थी।
 

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हादसे की सूचना मिलते ही पिता नवदीप ग्रोवर रिश्तेदारों के साथ चंडीगढ़ रवाना हो गए हैं। जबकि माता बबली ग्रोवर, डेरा राधा स्वामी ब्यास में माथा टेकने गई हुई हैं। पाक्षी ग्रोवर के दादा प्रीतम लाल ने बताया कि हादसे के कारण उनके परिवार पर मुसीबत का पहाड़ टूट गया है। उन्होंने तो पाक्षी को उसके सपने साकार करने के लिए चंडीगढ़ भेजा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ऐसा हादसा हो जाएगा, जिससे परिवार के उम्मीदें ही चकनाचूर हो जाएंगी और वह कभी उसका मुंह नहीं देख पाएंगे। 
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बता दें कि लैपटॉप को चार्ज करते समय शॉर्ट सर्किट से शनिवार शाम करीब चार बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-32डी के एक गर्ल्स पीजी में आग लग गई। अवैध रूप से संचालित इस पीजी में कुल 10 से 12 कमरे बने हुए हैं। आग एक कमरे में लगी और तेजी से फैल गई। धुएं से पीजी में मौजूद छात्राओं का दम घुटने लगा। हादसे के समय करीब 25 छात्राएं पीजी में मौजूद थीं। शोर मचते ही इनमें से 20 निकलने में कामयाब हो गईं, जबकि पांच छात्राएं धुएं और आग में फंस गईं। इनमें से तीन छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई है।
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