हादसे की सूचना मिलते ही पिता नवदीप ग्रोवर रिश्तेदारों के साथ चंडीगढ़ रवाना हो गए हैं। जबकि माता बबली ग्रोवर, डेरा राधा स्वामी ब्यास में माथा टेकने गई हुई हैं। पाक्षी ग्रोवर के दादा प्रीतम लाल ने बताया कि हादसे के कारण उनके परिवार पर मुसीबत का पहाड़ टूट गया है। उन्होंने तो पाक्षी को उसके सपने साकार करने के लिए चंडीगढ़ भेजा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ऐसा हादसा हो जाएगा, जिससे परिवार के उम्मीदें ही चकनाचूर हो जाएंगी और वह कभी उसका मुंह नहीं देख पाएंगे।