अपने परिवार के साथ ओमपति।
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उम्र के जिस पड़ाव में आकर बुजुर्ग चारपाई पकड़ लेते हैं, बीमारियों से घिर जाते हैं, उस उम्र में भी गांव बंदेपुर निवासी ओमपति में गजब का जोश व जुनून है। बेखौफ व निडर होकर जीवन जीने वाली ओमपति ने अपनी सेहत का राज बताते हुए कहा कि हरियाणा के देसी खाने से उन्हें यह ताकत मिली है। बचपन से ही खूब घी-दूध खाया-पिया है। आज भी पौष्टिक आहार ही लेती हूं। घी-दूध के साथ फल खाती हूं और जूस पीती हूं। ओमपति बताती हैं कि सुबह जल्दी उठना, प्रात: कालीन भ्रमण पर जाना, नहाना, पूजा-पाठ करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। यही कारण है कि आज भी शरीर में पहले जैसी ताकत बरकरार है। ओमपति कहती हैं कि आज के युवा फास्ट फूड तक सीमित हैं। पौष्टिक आहार उन्हें भाता नहीं है। यही कारण है कि युवाओं से आज भी डबल ताकत रखती हूं।