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पंचायत का फरमान, हर घर से किसान आंदोलन में होगा जाना, वरना 300 रुपये देने होंगे रोजाना

Thu, 04 Feb 2021 09:42 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, संगरूर (पंजाब)
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संगरूर के गांव तोलावाल में हाथ खड़े कर प्रस्ताव पारित करते ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब में पंचायतें किसान आंदोलन को लेकर नए-नए प्रस्ताव पास कर रहीं हैं। बठिंडा के गांव विर्क खुद के बाद कई और गांवों में पंचायतों ने किसान आंदोलन के समर्थन में प्रस्ताव पास किया। इन प्रस्तावों में हर घर से लोगों को किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए कहा गया है। अगर कोई आंदोलन में नहीं गया तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं कुछ पंचायतों ने तो सामाजिक बहिष्कार तक की भी बात कही है। 
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किसान आंदोलन (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
अब नया प्रस्ताव पंजाब के संगरूर जिले की एक पंचायत ने पास किया है। प्रस्ताव के मुताबिक किसान आंदोलन में शामिल न होने वाले व्यक्ति को 300 रुपये का फंड देना होगा। गांव तोलावाल की पंचायत ने प्रस्ताव पास कर फरमान जारी किया है कि हर घर से एक व्यक्ति किसान आंदोलन में शामिल होगा और ऐसा न करने वाले को 300 रुपये प्रति दिन फंड देना पड़ेगा।
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बठिंडा के विर्क खुर्द में प्रस्ताव पास करने के बाद खड़े ग्रामीण। (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
जानकारी के मुताबिक गुरुवार को गांव तोलावाल में गांव के सरपंच मेवा सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण एकत्रित हुए और कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन पर चर्चा की। साथ ही पंचायत ने प्रस्ताव पास किया और फरमान जारी किया कि गांव के प्रत्येक घर से एक किसान आंदोलन में आवश्यक तौर पर शामिल होगा। जो व्यक्ति आंदोलन में जाएगा, वह एक सप्ताह तक वहां रहेगा, ताकि केंद्र सरकार के खिलाफ चल रहे आंदोलन को मजबूत किया जा सके। 

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बठिंडा जिले के विर्क खुर्द में पास प्रस्ताव की प्रति। (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति किसान आंदोलन में शामिल नहीं होगा, उसे 300 रुपये प्रति दिन के हिसाब से फंड देना पड़ेगा। सरपंच मेवा सिंह ने कहा कि पंचायत की तरफ से पास प्रस्ताव को गांव वासियों ने हाथ खड़ाकर स्वीकार किया और आंदोलन में पूर्ण सहयोग देने की बात कही। 
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किसान आंदोलन (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में यह भी पारित किया गया है कि आर्थिक तौर पर कमजोर, बीमार और कोई अन्य मजबूरी है तो उस व्यक्ति की मजबूरी को समझा जाएगा और उससे फंड वसूल नहीं किया जाएगा। अगर कोई जानबूझकर किसान आंदोलन में जाने से इंकार करेगा तो उसे किसान हितैषी न मानकर उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान जगराज सिंह, निर्मल सिंह पूर्व सरपंच, अजैब सिंह, संधू, मनजीत सिंह सदस्य, बलौर सिंह, हाकम सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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