शहीद की तस्वीर के साथ मां।
मां का कहना है कि बेशक सरकार कारगिल विजय के 21 वर्ष जश्न के तौर पर मना रही है, मगर सरकारी घोषणाओं के पूरा न होने से हर वर्ष उन्हें यह विजय दिवस दर्द देता है। जिले के सीमावर्ती गांव झरौली के शहीद लांसनायक हरीश पाल शर्मा की माता राज दुलारी व भाई सतीश शर्मा ने विजय दिवस की पूर्व संध्या पर दर्द बयां करते हुए बताया कि कारगिल युद्ध छिड़ने पर अपनी सैन्य टुकड़ी के साथ टाइगर हिल फतेह करते हुए हरीश पाल ने शहादत का जाम पिया था।