फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब दुश्मन के लिए भारतीय सेना और एयरफोर्स की जासूसी आसान नहीं, जानिए कैसे?

Tue, 26 Dec 2017 06:39 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 5
INDIAN ARMY - फोटो : AMAR UJALA
सेना, वायुसेना की महत्वपूर्ण सूचनाओं में दुश्मनों के लिए सेंधमारी और जासूसी अब आसान नहीं होगी, क्योंकि एक परियोजना पर काम किया जा रहा है।
विज्ञापन

2 of 5
indian army - फोटो : BASIT ZARGAR
भारतीय नौसेना के बाद अब सेना और एयरफोर्स के लिए भी बहुत जल्द अंतरिक्ष में अलग कम्यूनिकेशन सेटेलाइट स्थापित होने वाला है। इस खास परियोजना पर इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गनाइजेशन) काम कर रहा है।
विज्ञापन

3 of 5
इंडियन एयरफोर्स
इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनॉलिसिस के वरिष्ठ सदस्य अजय लेले ने बताया कि अंतरिक्ष में सेना और एयरफोर्स का अलग कम्यूनिकेशन सेटेलाइट स्थापित होने से भारतीय सेना का संचार पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।

4 of 5
इंडियन एयरफोर्स
बता दें कि इस तकनीक के मामले में चीन अभी सबसे आगे है। चीनी सेना अपनी जैमिंग तकनीक से किसी भी कम्यूनिकेशन को जाम कर सकती है। यही वजह है कि भारतीय सेना अपना अलग सुरक्षित सेटेलाइट आधारित कम्यूनिकेशन सिस्टम चाहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भारतीय सेना
इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन भारतीय नौसेना के लिए एक अलग सेटेलाइट जीएसएटी-7 (रुक्मणी) अंतरिक्ष में स्थापित कर चुकी है। यह नौसेना का सबसे पहला कम्यूनिकेशन सेटेलाइट था। आज यह भारतीय नौसेना के लिए सुरक्षित रियल टाइम कम्यूनिकेशन के तौर पर काम कर रहा है। इसी तर्ज पर इसरो सेना और वायुसेना के लिए सेटेलाइट लॉन्चिंग की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें