पंकज के आईएएस बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है। साल 2007 में 12वीं के बाद पंकज को बीसीबी का प्रमाणपत्र बनवाना था। प्रमाणपत्र में ग्राम सचिव, पटवारी और एसडीएम के हस्ताक्षर करवाना था। उन्हें हस्ताक्षरों के लिए कई दिन तक चक्कर काटने पड़े। बस इसी घटना ने पंकज के जीवन को बदल कर दिखा और तभी पंकज ने मन में आईएएस बनने की ठान ली। ठीक 13 साल बाद पंकज की प्रतिज्ञा पूरी हुई।