नाडा की स्थापना के बाद देश में पहली बार ह्यूमन ग्रोथ हारमोन (एचजीएच) डोपिंग का केस सामने आया है, जिसमें नेशनल वेट लिफ्टर पकड़ी गई हैं।
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इंडियन वेट लिफ्टर जसवीर कौर
ये वेट लिफ्टर पंजाब के रोपड़ की हैं और एनआईएस पटियाला में नेशनल कैंप में शामिल थीं। नाम है जसवीर कौर, अब इन पर नाडा ने अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है। बता दें कि भारतीय खिलाड़ी अब विदेशी खिलाड़ियों की तर्ज पर हाई प्रोफाइल डोपिंग के दलदल में फंसने लगे हैं।
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डोपिंग टेस्ट
नाडा की स्थापना के बाद देश में पहली बार ह्यूमन ग्रोथ हारमोन (एचजीएच) डोपिंग का केस सामने आया है। जूनियर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में रजत और कांस्य पदक जीतने वाली नेशनल कैंप में शामिल राष्ट्रीय कीर्तिमानधारी पंजाब की वेटलिफ्टर जसवीर कौर के यूरिन सैंपल में ग्रोथ हारमोन इपामोरिलिन और सिक्रेटागोगिस पाया गया है। सवा माह की टेस्टिंग में एनडीटीएल ने यूरिन सैंपल में ग्रोथ हारमोन पकड़ा है।
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डोपिंग टेस्ट
अमेरिका, रूस और ग्रीस के कई नामी खिलाड़ी कई वर्षों बाद की गई टेस्टिंग में ग्रोथ हारमोन के लिए डोप में पकड़े जा चुके हैं। आस्ट्रेलिया में इस माह होने वाली कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए एनआईएस पटियाला में चल रहे नेशनल कैंप में जसवीर शामिल थीं। खास बात यह है कि 21 मई को नाडा ने उनका यूरिन और ब्लड सैंपल लिया, जिसमें वह पाक-साफ पाई गईं।
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डोपिंग टेस्ट
लेकिन चीफ कोच विजय शर्मा ने नाडा को अगले ही दिन लिखा कि उन्हें लिफ्टरों के फिर सैंपल कराने हैं। उन्होंने नाडा को 10 नाम दिए, जिसमें जसवीर भी शामिल थीं। 26 मई को नाडा ने इन लिफ्टरों के यूरिन सैंपल लिए। नौ लिफ्टरों नेगेटिव घोषित कर दिए गए, लेकिन जसवीर की रिपोर्ट रोक दी गई। एनडीटीएल में उनके सैंपल के एक के बाद एक उच्चस्तरीय टेस्ट किए गए।
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डोपिंग टेस्ट
इन टेस्ट में जसवीर कौर को सोमवार को ग्रोथ हारमोन के लिए पॉजिटिव घोषित किया गया। जाने माने स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ और एनआईएस पटियाला के पूर्व स्पोर्ट्स मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक आहुजा यूरिन सैंपल में ग्रोथ हारमोन का मामला सामने आने पर हैरान हैं। उन्होंने ऐसा नहीं सुना है। इसके लिए लैब बधाई की पात्र है। ऐसे में अब खिलाड़ियों का हाईप्रोफाइल डोपिंग में बचना आसान नहीं होगा।
अब तक ब्लड सैंपल में ही ग्रोथ हारमोन के मामले सामने आते रहे हैं। हो सकता है 21 की सैंपलिंग में बचने के बाद खिलाड़ी ने ग्रोथ हारमोन का इंजेक्शन लिया हो। इसकी मात्रा अधिक होने पर यूरिन सैंपल में ही वह पॉजिटिव आ गई। ग्रोथ हारमोन का प्रयोग ज्यादातर विदेशों में बड़े खिलाड़ी करते हैं। इसका असर थोड़े दिन रहता है और इसकी टेस्टिंग बेहद महंगे उपकरणों से होती है।