फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटे का सपना पूरा करने को इस पिता ने किया वो काम, नहीं कर सकता कोई

Mon, 19 Jun 2017 09:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 9
शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
फादर्स डे के मौके पर हम आपको सुना रहे हैं एक पिता की कहानी जिसने बेटे का सपना पूरा करने को वो काम किया, जो शायद एक बाप ही कर सकता था।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 9
शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
बात हो रही है पानीपत के जगपाल जागलान की, जिनका 12 साल का बेटा शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर है और 100 से ज्यादा टूर्नामेंट जीत चुका है। अगर उसे भारत का अगल स्टार गोल्फर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। शायद ही कोई शुभम का नाम जानता हो, लेकिन अमीरों के शौक के खेल को मध्यमवर्गीय परिवार के इस बेटे सफलता की सीढ़ियां चढ़ने का रास्ता बनाया।
विज्ञापन

3 of 9
शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
और शुभम का ये सपना पूरा हो सका, पिता जगपाल की लगन और मेहनत से। दिल्ली में गोल्फ क्लब कैंपस में 12 साल के बेटे और फैमिली के साथ रह रहे 48 साल के जगपाल जागलान मूल रूप से पानीपत के कस्बा इसराना के रहने वाले हैं। जगपाल के पिता ईश्वर सिंह जागलान बैंक में नौकरी करते थे। वह अब रिटायर हो चुके हैं, वहीं छोटे भाई जोगिंद्र अमेरिका में बड़े किसान हैं।

4 of 9
शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
जगपाल पहलवान भी रह चुके हैं। उनका दूध का कारोबार था। 7 साल पहले जगपाल के बेटे शुभम को महज पांच साल की उम्र में गोल्फ का शौक लग गया। वह गली में कटोरी और डंडे के साथ खेल की प्रैक्टिस करता था। उन्हीं दिनों एक एनआरआई कपूर सिंह ने गांव के पास गोल्फ एकेडमी खोली थी। जगपाल ने बेटे शुभम को वहां भेजना शुरू कर दिया। ज्यादा बच्चे न होने के कारण 2 महीने बाद ही एकेडमी बंद हो गई।

 
विज्ञापन

5 of 9
शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
इसके बाद बेटे के सपने को अपना सपना बना चुके जगपाल ने शुभम को रोज सुबह प्रैक्टिस के लिए मधुबन की एक एकेडमी में बस से ले जाना शुरू कर दिया। मध्यम वर्ग के परिवार और महंगा खेल होने के कारण ज्यादा बाहर नहीं जा पा रहा था, लेकिन जगपाल ने इसके लिए उन्होंने अपनी गाय-भैंस तक बेच दीं। साथ ही बाद में छोटे भाई जोगिंद्र से आर्थिक मदद ली।
विज्ञापन

6 of 9
शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
आज पिता जगपाल की मेहनत की बदौलत 12 साल का शुभम 100 से ज्यादा टूर्नामेंट जीत चुका है। पिछले साल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुभम और उसके माता-पिता को आवास पर बुलाया और नेशनल चाइल्ड अवार्ड फॉर एक्सेप्शनल अचीवमेंट दिया। खेल के सफर की बात करें तो जिन दिनों जगपाल अपने होनहार बेटे को मधुबन ले जाते थे, उसी दौरान इसके बाद शुभम ने कई टूर्नामेंट जीते।
विज्ञापन

7 of 9
शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
गोल्फ फाउंडेशन के ऑनर अमित लूथरा की नजर शुभम पर पड़ी और वह उसे दिल्ली ले गए। वहां उसे गोल्फ क्लब में खेलने की इजाजत मिली और नोनिता लाल कुरैशी ने कोचिंग देनी शुरू की। 2 लाख रुपए सालाना स्कॉलरशिप और दिल्ली गोल्फ क्लब में सदस्यता दी, जिसके बदले में पिता-पुत्र को ट्रेनिंग जारी रखने के लिए दिल्ली में शिफ्ट होने में मदद मिली। विदेशी टूर्नामेंट भी खेलने लगा शुभम 7 वर्ष की उम्र में पहली बार चैम्पियन बना।

 

8 of 9
शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
अब जगपाल बेटे और पत्नी के साथ ही दिल्ली में रहते हैं। इससे भी बड़ी उपलब्धि तो यह भी है कि शुभम पर विदेशी अंग्रेजी मीडिया ने पूरा पेज प्रकाशित किया था। शुभम का कहना है कि उसकी कामयाबी के पीछे सबसे ज्यादा हाथ पिता और कोच का रहा। शुभम मशहूर गोल्फ खिलाड़ी जैक निकल्स और टाइगर वुड को अपने प्रेरणास्रोत मानता है। वहीं शुभम के दादा ईश्वर जागलान उसकी कामयाबी से बेहद खुश हैं।
विज्ञापन

9 of 9
शुभम जागलान वर्ल्ड लेवल गोल्फर
ये हैं शुभम की उपलब्धियां- 2013 जूनियर गोल्फ के विश्व मास्टर्स- 2013 मार्गदर्शन पुरस्कार- 2015 जूनियर वर्ल्ड गोल्फ चैंपियनशिप- 2016 यूरोपीय जूनियर चैम्पियनशिप
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें