पब्लिक हेल्थ के ठेका कर्मचारियों ने सभी हदें पार करते हुए एक कुत्ते को जिंदा ही मिट्टी में दबा दिया जब विरोध बढ़ा तो छह घंटे बाद चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन। मामला हरियाणा के रोहतक का है। शनिवार बाबरा मोहल्ला में पुराना पंजाब नेशनल बैंक के सामने पब्लिक हेल्थ के ठेका कर्मचारियों ने सभी हदें पार करते हुए एक जिंदा कुत्ते को मिट्टी में महज इसलिए दबा दिया कि वह भगाने पर भाग नहीं रहा था।
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मिट्टी में दफन कुत्ता 6 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में मिला जिंदा
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कुदरत का करिश्मा ही था कि कुत्ता करीब छह घंटे मिट्टी में दबा होने के बावजूद दोबारा मिट्टी निकाले जाने पर जिंदा निकल आया। बीएंडआर विभाग के सेवानिवृत्त एसडीई बीके गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में लीकेज की समस्या कई दिनों से है। इसकी तलाश के लिए 10-15 दिन से गढ्ढे खोदे गए हैं। इसमें से एक बड़े गढ्ढे पर एक कुत्ता बैठा हुआ था। उसे भगाने के लिए ठेका कर्मियों ने लाठी मांगी तो उन्हें कुत्ते को भगाने के लिए दी गई।
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मिट्टी में दफन कुत्ता 6 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में मिला जिंदा
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कुत्ते को डराने के बाद भी जब वह नहीं भागा तो मजदूरों ने कुत्ते के ऊपर ही चार से पांच फुट मिट्टी डाल कर दबा दिया। इस संबंध में विभाग के अफसरों को सूचना दी गई तो भी कोई रिसपांस नहीं मिला।
मिट्टी में दफन कुत्ता 6 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में मिला जिंदा
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जब मीडिया द्वारा इसके फोटो लिए जाने लगे तो विभाग हरकत में आया। सुबह दस
बजे से दबे कुत्ते को शाम तीन बजे निकाला गया। वह जिंदा निकला, उसे
प्राथमिक उपचार के लिए पशु अस्पताल भेज दिया गया।
मिट्टी में दफन कुत्ता 6 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में मिला जिंदा
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वीके जैन, कनिष्ठ अभियंता, पब्लिक हेल्थ सीवरेज ने बताया कि बाबरा मोहल्ले
में खोदा गया गढ्डा सिंपल गढ्डा नहीं सुरंग की तरह थी। वह उसमें चला गया
था, इसलिए बच गया। ठेके के मजदूरों ने गलती से ऐसा किया या जानबूझ कर इस
बारे में नहीं कहा जा सकता। इसके लिए उनके ठेकेदार को बताया गया है। गढ्ढे
से कुत्ते को निकालने के बाद लावारिस पीड़ित पशु संस्थान में उपचार के लिए
भिजवा दिया गया है।