डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की 'लाडली' हनीप्रीत को जेल में 245 दिन हो गए हैं। वहां उसकी जिंदगी कैसी कट रही, नई जानकारी आई सामने। 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हुई हिंसा और देशद्रोह के मामले में अदालत ने आरोपी हनीप्रीत की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। इससे पहले हनीप्रीत को लेकर एक खुलासा हुआ।
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हनीप्रीत से मिलने के लिए भाई और बहन आए
पता चला है कि हनीप्रीत सेंट्रल जेल में ड्रेस डिजाइनिंग, ब्लॉक प्रिंटिंग और ब्यूटिशियन का कोर्स कर रही है। उसने अन्य कैदियों के साथ कोर्स में नामांकन कराया है। यह कोर्स तीन साल का है। हरियाणा के आईजी (जेल) जगजीत सिंह हनीप्रीत के तीन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोर्स करवाने का निर्देश हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने जारी किया था।
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Honeypreet Insan
- फोटो : अमर उजाला
निर्देशों के तहत ही अंबाला जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएसएलए) की देखरेख में अंबाला स्थित एक कौशल विकास संस्थान इन पाठ्यक्रमों को संचालित कर रहा है। आईजी जेल ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां पूरे साल आयोजित की जाती हैं। हमारी प्राथमिकता उन अभियुक्तों को प्रशिक्षित करने की है जिन्हें उनकी अवधि पूरी होने की उम्मीद है। हम सीटों की उपलब्धता के आधार पर विचाराधीन कैदियों को नामांकित करवाने अनुमति देते हैं।
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हनीप्रीत
- फोटो : ANI
बता दें कि हनीप्रीत अब जेल से बाहर आना चाहती है। इसके लिए उसने अदालत से गुहार लगाई है। इसके लिए दायर की गई याचिका में हनीप्रीत ने कहा कि मैं एक महिला हूं और 245 दिन ने जेल में कैद हूं। हिंसा में मेरी कोई भूमिका नहीं है। दोषी करार दिए जाने के बाद मैं राम रहीम के साथ पंचकूला से सुनारिया जेल चली गई। मामले में मेरा नाम एफआईआर में बाद में शमिल किया गया।
हनीप्रीत ने याचिका में कहा कि मुझे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि मैं खुद तीन अक्तूबर 2017 को आत्मसमर्पण करने आई थी। जब एफआईआर नंबर-345 के अन्य 15 आरोपितों को जमानत मिल चुकी है तो 245 दिन जेल में रहने के बाद मैं भी जमानत की हकदार हूं। सेक्शन 439 के तहत महिला होने के चलते मुझे रियायत दी जानी चाहिए।