मशहूर पंजाबी कवयित्री अमृता प्रीतम के बारे में दीप्ति नवल ने कई ऐसी बातें बताई, जिनके बारे में शायद ही कोई जानता होगा। पढ़िए उनसे बातचीत के कुछ अंश।
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अमृता प्रीतम के बारे में बोली दीप्ति नवल
दीप्ति नवल साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम के प्यार पर केंद्रित नाटक एक मुलाकात के मंचन के लिए चंडीगढ़ पहुंची। उनके साथ शेखर सुमन भी आए। इन दोनों ने साहिर और अमृता के बारे में खुलकर बातें की। दीप्ती नवल ने कहा -‘जब इस नाटक का ऑफर मेरे पास आया तो मुझे लगा कि इसे जरूर करना चाहिए, क्योंकि अमृता प्रीतम को बहुत सालों से जानती थी और अंत तक उनके टच में भी रही। जब भी कभी दिल्ली जाना होता तो उनसे जरूर मिलती थी।
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अमृता प्रीतम के बारे में बोली दीप्ति नवल
दीप्ति के अनुसार, साहिर और अमृता प्रीतम के प्यार की कहानी सबसे हट कर थी। उन्होंने कहा कि फिल्म से लेकर नाटक तक का सफर मेरे लिए शानदार रहा हैं। इसे लेकर हमेशा से ही उत्साहित रहती हूं। दीप्ति ने कहा कि अमृता से दिल्ली में उनके घर में कई बार मिलना हुआ। वो बेखौफ थे, ऐसे में उन्हीं का किरदार मंच पर उतारना एक अलग अनुभव रहा।
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अमृता प्रीतम के बारे में बोली दीप्ति नवल
दीप्ति ने बताया कि जब जब पहली बार सैफ हैदर हसन इसकी स्क्रिप्ट मेरे पास लेकर आए तो मुझे इसने अपनी और आकर्षित किया। रिहर्सल के दौरान अमृता से जुड़ी कितनी ही कहानियां याद आ गईं। उनका लिखने का अंदाज, बातचीत का तरीका सब कुछ। मैं अपने और अमृता में काफी कुछ एक जैसा देखती हूं। नाटक करने के दौरान तो यह फर्क बहुत कम लगने लगता है, लेकिन यह किरदार निभाने में मुझे मजा आता है। शो कभी भी हों, इसके लिए खुद को फ्री रखती हूं।
शेखर सुमन कहते हैं कि अपने अंदर के साहिर को पहचाने और जानने की जरूरत थी। इसके बाद ही यह किरदार करने में आनंद आया। नाटक में साहिर लुधियानवी के रोल में खरा उतरना काफी चुनौती भरा रहा। इस रोल को निभाने से पहले लिए मैंने साहिर से जुड़े कई लोगों से मुलाकात की, जो उनको करीब से जानते थे। इसके बाद साहिर को लेकर दिमाग में रूपरेखा बन पाई। आज जब भी इस भूमिका को करता हूं तो अपने भीतर साहिर को ही पाता हूं।