पंजाब के बरनाला जिले में मिट्टी गिरने से दो लोग जमीन में जिंदा दफन हो गए। 4 घंटे की जद्दोजहद के बाद शव बाहर निकाले जा सके।
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barnala accident
- फोटो : amarujala
घटना, मंगलवार को बरनाला के गांव बदरा में हुई। जानकारी अनुसार जसविंदर सिंह पुत्र अमर सिंह व गुरचरण सिंह पुत्र निहाल सिंह, राजा सिंह,मिट्ठू सिंह व विंदर सिंह निवासी गांव बदरा अपने खेत में बने कुंएं में से ईंटे बाहर निकालने के लिए कार्य कर रहे थे। जब कुंएं में से ईंटें बाहर निकालने के लिए जसविंदर सिंह व गुरचरन सिंह कुंएं में उतरे और कुंए के अंदर से ईंटें उखाड़नी शुरू की तो उनपर मिट्टी का तौंदा गिर गया।
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जसविंदर सिंह व गुरचरन सिंह दोनों मिट्टी के नीचे दब गए
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नतीजन, जसविंदर सिंह व गुरचरन सिंह दोनों मिट्टी के नीचे दब गए। घटना का पता चलते ही बाहर खडे़ लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिनका शोर सुनकर इर्दगिर्द के किसान एकत्रित हो गए। गांव बदरा, भैणी इत्यादि के लोगों से लेकर किसान यूनियन उगराहां के ब्लाक प्रधान बलौर सिंह छन्ना, जरनैल सिंह बदरा, किसान भोला सिंह पहुंच गए। जिन्होंने गुरूद्वारा साहिब से सहायता के लिए अनाऊंसमेंट करवाई। घटनास्थल पर गांवों के लोग एकत्रित हो गए।
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मिट्टी के तौंदे तले दबे जसविंदर सिंह व गुरचरन सिंह को निकालने के लिए लोग जद्दोजहद करने लगे। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पूर्व चीफ प्रिंसीपल सचिव दरबारा सिंह गुरु थाना प्रभारी परमिंदर सिंह को साथ लेकर पुलिस पार्टी सहित घटनास्थल पर पहुंचे। दोनो व्यक्तियों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन के सहयोग के साथ तीन जेसीबी मशीनें मंगवाई गईं व डाक्टर काकुल बाजवा एंबूलैंस सहित अपनी डाक्टरी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
लगातार चार घंटों की जद्दो जहद के बाद जसविंदर सिंह व गुरचरन सिंह को बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद डाक्टर बाजवा ने दोनों का चैकअप किया और दोनों को मृतक घोषित कर दिया। दोनों के शवों को सिविल अस्पताल बरनाला में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया। गांव बदरा शोक में डूब गया। किसान यूनियन के नेता ब्लाक प्रधान बलौर सिंह छन्ना, जरनैल सिंह बदरा इत्यादि नेताओं ने दोनों गरीब परिवारों को मुआवजा व एक एक नौकरी देने की मांग की है।