धमाके के बाद बिखरी फैक्टरी की ईंट।
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पिछले साल कुंजपुरा की पटाखा फैक्टरी में आग से एक मजदूर की मौत हुई थी। इससे अलग जिले में कई जगहों पर अवैध रूप से पटाखा फैक्टरी चल रही हैं। वहीं करीब दो वर्ष पहले शिव कॉलोनी क्षेत्र में पोटाश कूटते वक्त धमाका होने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। प्रशासन ने इन घटनाओं के बाद भी सख्ती नहीं की।
घोघड़ीपुर के समीप पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है। जिसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। तीन अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हैं। उनका इलाज चल रहा है। फैक्टरी किसी सुंदर लाल के नाम है। मामले की जांच की जा रही है। - संजीव मलिक, मधुबन थाना प्रभारी।
पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके को लेकर एक कमेटी का गठन कर दिया है। मामले की गहना से जांच कराई जाएगी कि फैक्टरी के मालिक के पास पटाखा बनाने का लाइसेंस था कि नहीं, इससे अलग फायर सेफ्टी इंतजाम थे कि नहीं। इन सभी की गहनता से जांच कराई जाएगी। - निशांत कुमार, डीसी करनाल।