कनाडा में बैठा गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड था। पंजाब पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र के अनुसार, गोल्डी बराड़ ने इस साल की शुरुआत में हत्या को अंजाम देने के लिए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और कुछ अन्य लोगों के साथ समन्वय किया था।
सिद्धू मूसेवाला की मानसा में 29 मई को गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने दोस्त और चचेरे भाई के साथ जीप में सवार होकर जा रहा था, इसी दौरान छह शूटरों ने रास्ते में उस पर गोलियां बरसा दी थीं। हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य गोल्डी बराड़ ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी।
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- फोटो : इंस्टाग्राम: sidhu_moosewala
पंजाब पुलिस ने 26 अगस्त को मानसा की एक अदालत में 24 आरोपियों के खिलाफ 1,850 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया था, जो इस मामले में पहला आरोपपत्र था। चार्जशीट में हत्या, हत्या का प्रयास, गलत तरीके से रोकना, खतरनाक हथियारों या साधनों से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना और दंगा करना, घातक हथियार से लैस सहित विभिन्न आईपीसी धाराओं का जिक्र किया गया है। पुलिस ने 36 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और गोल्डी बराड़ सहित 24 के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
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चार्जशीट के मुताबिक मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड आरोपी गोल्डी बराड़ था। चार्जशीट के अनुसार उसने मूसेवाला की सुरक्षा वापस लेने की खबर 28 मई को निशानेबाजों को दी थी और 29 मई को गायक को जल्दी से मारने के लिए कहा था। मूसेवाला उन 424 लोगों में शामिल थे जिनकी सुरक्षा पंजाब पुलिस ने अस्थायी तौर पर हटा दी थी।
चार्जशीट के मुताबिक, बराड़ ने आरोपी लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया, सचिन भिवानी, अनमोल बिश्नोई, सचिन थापन, मोनू डागर, पवन बिश्नोई और शूटरों के साथ समन्वय कर मूसेवाला को मारने की योजना तैयार की थी। उसने अन्य आरोपियों के लिए हथियार, पैसे, कार, फोन, सिम कार्ड और आश्रय की व्यवस्था की।
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- फोटो : फाइल फोटो
चार्जशीट के अनुसार, बराड़ ने अन्य आरोपियों से संवाद करने के लिए मैसेजिंग ऐप सिग्नल का इस्तेमाल किया। बराड़ ने विक्की मिड्दुखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए मूसेवाला की हत्या की योजना को अंजाम दिया था।
पिछले साल युवा अकाली नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या कर दी गई थी। मूसेवाला का मैनेजर बताया जाने वाला शगनप्रीत सिंह का नाम मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में आया था। पुलिस ने छह निशानेबाजों की पहचान की थी जो कथित तौर पर हत्या में शामिल दो मॉड्यूल का हिस्सा थे। प्रियव्रत फौजी, कशिश, अंकित सेरसा और दीपक मुंडी बोलेरो वाहन में थे, जबकि मनप्रीत सिंह और जगरूप सिंह रूपा टोयोटा कोरोला में थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इससे पहले प्रियव्रत फौजी, कशिश और अंकित सेरसा को गिरफ्तार किया था। रूपा और मनप्रीत को पंजाब पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था, जबकि दीपक मुंडी अभी भी फरार है।